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गुना : बिजली संकट झेल रहे वार्ड-32 के रहवासियों ने कलेक्टर निवास का किया घेराव, कलेक्टर ने सुनीं समस्या और निराकरण के दिए निर्देश

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गुना : बिजली संकट झेल रहे वार्ड-32 के रहवासियों ने कलेक्टर निवास का किया घेराव, कलेक्टर ने सुनीं समस्या और निराकरण के दिए निर्देश
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गुना। शहर के वार्ड 32 अंतर्गत पटरी पार स्थित नीलकंठ व चौरसिया कॉलोनी के सैकड़ों रहवासी बुधवार को उस समय आक्रोशित हो उठे जब सात दिन से बिजली संकट झेलने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बिजली कंपनी द्वारा कॉलोनी को ‘अवैध’ बताकर बिजली आपूर्ति रोके जाने से परेशान लोगों ने एकजुट होकर कलेक्टर निवास का घेराव कर दिया और जोरदार विरोध दर्ज कराया। रहवासियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में न तो बिजली है और न ही पीने का पानी मिल पा रहा है।

    प्रदर्शन से प्रशासन में हलचल

    कॉलोनीवासियों के अचानक किए गए प्रदर्शन से प्रशासन में हलचल मच गई। मौके पर तुरंत पुलिस बल और तहसीलदार पहुंचे और रहवासियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ। थोड़ी ही देर में कलेक्टर किशोर कन्याल स्वयं बंगले से बाहर निकले और प्रदर्शनकारियों से आमने-सामने चर्चा की। उन्होंने लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और बिजली आपूर्ति की बाधा पर चिंता जताई।

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    कलेक्टर ने रहवासियों को किया आश्वस्त

    कलेक्टर ने मौके पर मौजूद तहसीलदार को निर्देश दिए कि बिजली कंपनी से तुरंत चर्चा कर क्षेत्र में अस्थाई रूप से बिजली बहाल कराई जाए। कलेक्टर ने रहवासियों को आश्वस्त किया कि गुरुवार को बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इस बीच तहसीलदार ने तत्काल बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात कर कॉलोनी में बिजली आपूर्ति बहाल करवाई, जिससे रहवासियों को अस्थाई रूप से ही सही, लेकिन कुछ राहत मिली।

    प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी संतोष अहिरवार, गोविंद अहिरवार और रंजीता कुशवाह आदि ने बताया कि कॉलोनियों को निजी कॉलोनाइजरों ने वर्षों पहले काटा था, लेकिन बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, सडक़, पानी कभी उपलब्ध नहीं कराईं। ऐसे में लोगों ने अपने स्तर पर खंभे गाड़कर बिजली की व्यवस्था की। बिजली कंपनी ने अस्थाई कनेक्शन तो दे दिए, लेकिन अब इन्हें भी अवैध बताकर काट दिया गया है। हालात यह हो गए थे कि लोग अंधेरे में रह रहे थे, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और पानी के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी।

    नागरिकों ने कई बार दिए आवेदन : शेखर

    इस बारे में नपा में नेता प्रतिपक्ष शेखर वरिष्ठ ने बताया कि बिजली कंपनी बार-बार खंभे और तार अपने खर्च पर लगाने की बात कहती है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए यह संभव नहीं। कई बार आवेदन दिए, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। कलेक्टर किशोर कन्याल ने स्पष्ट कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से किसी को भी वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और बिजली विभाग मिलकर अब स्थाई समाधान निकालेगा। जब तक कोई निर्णय नहीं होता, तब तक अस्थाई रूप से बिजली आपूर्ति जारी रखी जाएगी।

    कॉलोनीवासियों को अब उम्मीद है कि गुरुवार की बैठक के बाद बार-बार की इस परेशानी से स्थाई निजात मिलेगी और वे भी शहर की अन्य कॉलोनियों की तरह बिजली की सुविधा का निर्बाध लाभ उठा सकेंगे।

    (इनपुट – राजकुमार रजक)

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    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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