Shivani Gupta
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Hemant Nagle
1 Feb 2026
इंदौर। इंस्टाग्राम रील देखकर रातों-रात अमीर बनने के ख्वाब पाल रहे युवकों की साजिश पर क्राइम ब्रांच ने करारा वार किया है। नकली नोट छापने के संगठित खेल में फरार चल रहे एक और आरोपी को दबोचकर पुलिस ने इस खतरनाक रैकेट की परतें उधेड़ दी हैं। ताजा कार्रवाई में 500-500 रुपये के 45 नकली नोट, एक प्रिंटर और प्रिंटिंग का पूरा सेटअप जब्त किया गया है। अब तक इस प्रकरण में बरामद नकली नोटों की कुल रकम करीब 2 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिससे साफ है कि यह महज शौक नहीं बल्कि सुनियोजित अपराध था।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी अंकित बुरासी, निवासी बाणगंगा है, जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। उसके कब्जे से 22,500 रुपये के नकली नोट, हाई-क्वालिटी प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। जब्त मश्रूका की कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया है कि अंकित बुरासी का आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिससे उसकी आपराधिक मानसिकता पर मुहर लगती है।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे अपराध की शुरुआत इंस्टाग्राम रील से हुई। सोशल मीडिया पर नकली नोट बनाने और खपाने से जुड़ी रील्स देखकर आरोपियों ने शॉर्टकट में पैसा कमाने का रास्ता चुना। नकली नोट अलग-अलग सीरीज में छापे गए थे, ताकि बाजार में खपाते वक्त शक न हो और पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। यही चालाकी इस रैकेट को और खतरनाक बना रही थी।
गौरतलब है कि इससे पहले 11 दिसंबर 2025 की रात क्राइम ब्रांच ने गुटकेश्वर महादेव मंदिर के पास, सदर बाजार रोड से चार आरोपियों—ऋषिकेश तोण्डे, वंश केथवास, रितेश नागर और अंकुश यादव (सभी निवासी इंदौर)—को नकली नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उन्हीं से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस अंकित बुरासी तक पहुंची, जो गिरफ्तारी के डर से लगातार ठिकाने बदल रहा था।
क्राइम ब्रांच का दावा है कि यह केवल शुरुआत है। नकली नोटों के इस नेटवर्क में और भी चेहरे शामिल हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट को जड़ से खत्म किया जाएगा। सोशल मीडिया से जन्मा यह अपराध अब कानून की गिरफ्त में है, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।