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RBI ने ब्याज दर 0.50% घटाकर की 5.50%, तीसरी बार घटा रेपो रेट; अब सस्ते होंगे लोन, EMI में मिलेगी राहत

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RBI ने ब्याज दर 0.50% घटाकर की 5.50%, तीसरी बार घटा रेपो रेट; अब सस्ते होंगे लोन, EMI में मिलेगी राहत
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून को मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद एक महत्वपूर्ण घोषणा की। RBI ने ब्याज दरों में 0.50% की कटौती करते हुए रेपो रेट को 5.50% कर दिया है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनके ऊपर होम लोन, ऑटो लोन या अन्य बैंक लोन की EMI का बोझ है। ब्याज दर घटने से अब आपकी EMI कम हो सकती है और लोन सस्ते मिल सकते हैं।

तीसरी बार की गई कटौती

  • यह इस साल तीसरी बार है जब RBI ने रेपो रेट में कटौती की है।
  • फरवरी 2025 में पहली कटौती की गई थी, जिसमें ब्याज दर 6.5% से घटकर 6.25% हुई।
  • अप्रैल 2025 में दूसरी कटौती कर 6.00% किया गया।
  • अब जून 2025 में तीसरी बार रेपो रेट 0.50% घटकर 5.50% हो गया है।
  • इस तरह साल 2025 में अब तक कुल 1% की कटौती की जा चुकी है, जिससे लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिली है।

रेपो रेट कम होने से क्या होता है फायदा?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI, बैंकों को लोन देता है। जब यह दर घटती है, तो बैंकों को सस्ते में लोन मिलता है। बैंक इस लाभ को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं और अपने कर्ज की ब्याज दरें घटा देते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि-
  • होम लोन, ऑटो लोन जैसे कर्ज सस्ते होते हैं।
  • EMI घटती है।
  • रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ता है।
  • लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ती है।

लोन लेने वालों को होगा कितना फायदा?

उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति ने 50 लाख का होम लोन 30 वर्षों के लिए लिया है और ब्याज दर 9% है, तो उनकी मासिक EMI 40,231 रुपए होती है। अब RBI द्वारा 0.50% की कटौती के बाद वही EMI घटकर 38,446 रुपए हो जाएगी। यानी हर महीने 1,785 रुपए की सीधी बचत।

महंगाई को कंट्रोल करने की कोशिश

RBI आमतौर पर रेपो रेट को दो कारणों से घटाता है: महंगाई नियंत्रण: जब महंगाई ज्यादा होती है, तो रेपो रेट बढ़ाया जाता है ताकि मनी फ्लो कम हो। इकोनॉमी को बूस्ट: जब अर्थव्यवस्था सुस्त होती है, तो रेपो रेट घटाकर बाजार में पैसा बढ़ाया जाता है, ताकि खर्च और निवेश को प्रोत्साहन मिले। इस बार RBI ने माना कि महंगाई नियंत्रण में है और इकोनॉमी को रफ्तार देने की जरूरत है, इसलिए ब्याज दरें घटाई गई हैं।

हर दो महीने में होती है RBI की बैठक

मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं, जिनमें से 3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए RBI ने 6 बैठकें निर्धारित की हैं: पहली बैठक: 7-9 अप्रैल 2025 दूसरी बैठक: 4-6 जून 2025 तीसरी बैठक: 5-7 अगस्त 2025 चौथी बैठक: 29 सितंबर - 1 अक्टूबर 2025 पांचवीं बैठक: 3-5 दिसंबर 2025 छठी बैठक: 4-6 फरवरी 2026 ये भी पढ़ें- ट्रंप और मस्क में जुबानी जंग : टेस्ला CEO बोले- मेरे बिना चुनाव हार जाते Trump, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- सब्सिडी खत्म कर दूंगा
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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