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जर्जर छत के नीचे पढ़ रहे मासूम; कभी भी गिर सकता है प्लास्टर, रायसेन के चंदवाड़ में प्राइमरी स्कूल बदहाल

रायसेन जिले के बाड़ी विकासखंड के ग्राम चंदवाड़ स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल की जर्जर हालत से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत का प्लास्टर गिर रहा है और सरिए दिखाई दे रहे हैं। शिक्षिका के मुताबिक 2021 से शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। पालकों ने तत्काल भवन की मरम्मत की मांग की है।
जर्जर छत के नीचे पढ़ रहे मासूम; कभी भी गिर सकता है प्लास्टर, रायसेन के चंदवाड़ में प्राइमरी स्कूल बदहाल
रायसेन जिले में चंदवाड़ प्राइमरी स्कूल का भवन बदहाल है।

बाड़ी (रायसेन)। मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों की योजनाएं चला रही है, लेकिन बाड़ी विकासखंड के ग्राम चंदवाड़ स्थित शासकीय प्राथमिक शाला* की जर्जर हालत इन दावों की पोल खोल रही है। यहां बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

छत से गिर रहा प्लास्टर, सरिए दिख रहे

शासकीय प्राथमिक शाला चंदवाड़, की स्थिति चिंताजनक है। कक्षा की छत का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ चुका है। कई स्थानों पर सरिए और ईंटें दिखाई दे रही हैं। छत का एक हिस्सा पहले ही गिर चुका है, जबकि बाकी हिस्से से भी लगातार प्लास्टर झड़ता रहता है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

आजादी के जश्न में भी असुरक्षित भवन

15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया और स्कूलों में तिरंगा फहराया गया, लेकिन चंदवाड़ के बच्चे उसी जर्जर भवन में कार्यक्रम और पढ़ाई करने को मजबूर रहे। सवाल यह है कि जब स्कूल भवन ही सुरक्षित नहीं है तो मासूम बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

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एक कमरा बना कबाड़खाना, दीवारों पर सीलन

स्कूल का एक कमरा कबाड़ और कचरे से भरा हुआ है। भवन की दीवारों पर सीलन, फफूंद और काई दिखाई दे रही है। साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से स्कूल का वातावरण भी बच्चों के लिए असुरक्षित नजर आता है।

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शिक्षिका बोलीं-2021 से शिकायत कर रही हूं

मौके पर मौजूद शिक्षिका पिंकी चौहान ने बताया कि वह वर्ष 2021 से स्कूल में पदस्थ हैं। उनके अनुसार स्कूल भवन की जर्जर स्थिति के संबंध में प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक भवन की मरम्मत नहीं हुई है।

पालक बोले-बच्चों को भेजने में लगता है डर

पालक हरनाम सिंह, राजकिशोर और आनंद अहिरवार ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। भवन की हालत खराब है और साफ-सफाई की भी समस्या है। उनका कहना है कि बच्चों के ऊपर आए दिन छत का प्लास्टर गिरता रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। पालकों ने प्रशासन से तत्काल भवन का निरीक्षण कराकर मरम्मत कराने की मांग की है।

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BEO बोले-जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे रिपोर्ट

इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दुर्गेश नामदेव ने कहा कि स्कूल की जर्जर स्थिति की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। मामले की जांच कराकर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि भवन में सुधार कराया जा सके।

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma

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