राहुल के कार्यक्रम से पहले इंदौर में पोस्टर पॉलिटिक्स, ‘छात्रों की गूंज’ के जवाब में ‘झूठ की गूंज’

इंदौर। राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले इंदौर में सियासी माहौल गरमा गया है। शहर के कुछ हिस्सों में राहुल गांधी के विरोध में ऐसे पोस्टर और होर्डिंग नजर आए, जिनमें उनके कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ कहकर निशाना बनाया गया। इन पोस्टरों को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम की तैयारियों के बीच माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन होर्डिंग्स के पीछे किसका हाथ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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कांग्रेस ने भाजपा और प्रशासन पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर लगातार अड़चनें खड़ी की जा रही हैं। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम छात्रों से संवाद पर केंद्रित है और इसके प्रति युवाओं की रुचि को देखते हुए विरोधी पक्ष परेशान है। ये कांग्रेस के आरोप हैं; भाजपा ने कार्यक्रम से जुड़ी रुकावटों के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आयोजन के लिए जरूरी जानकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के साथ सहयोग आवश्यक है।
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31 शर्तों के बाद सुरक्षा को लेकर भी विवाद
कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन ने आयोजकों के सामने 31 सुरक्षा शर्तें रखी हैं। इनमें भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, स्वयंसेवकों की तैनाती और कार्यक्रम की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आयोजकों को कम से कम 1,500 स्वयंसेवक, जिनमें 500 महिला स्वयंसेवक शामिल हों, तैनात करने होंगे।इन शर्तों में वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य बड़े कार्यक्रमों में सुरक्षा और आयोजकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है। कांग्रेस नेताओं ने इस संदर्भ पर आपत्ति जताई है।
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नेहरू स्टेडियम से रीजनल पार्क तक पहुंचा कार्यक्रम
कांग्रेस ने पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम का स्थान रीजनल पार्क के सामने की जमीन पर तय किया गया। इस जमीन के अस्थायी इस्तेमाल को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) और कांग्रेस के बीच भुगतान को लेकर भी विवाद सामने आया है। IDA ने निर्धारित अवधि से पहले जमीन इस्तेमाल किए जाने के आधार पर कांग्रेस से अतिरिक्त 4.03 लाख रुपये की मांग की है।
कोचिंग सेंटर और छात्रों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि छात्रों और कोचिंग सेंटरों पर कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस द्वारा छात्रों से स्व-घोषणा पत्र भरवाए जाने पर भी सवाल उठाए। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।इस बीच पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आयोजकों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है।
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कार्यक्रम से पहले बढ़ी सियासी हलचल
एक तरफ ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर सुरक्षा और अनुमति की शर्तों पर विवाद चल रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘झूठ की गूंज’ नाम से सामने आए पोस्टरों ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। अब इन पोस्टरों के पीछे कौन है और इन्हें किसने लगवाया, यह जांच का विषय है। राहुल गांधी का कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों के साथ शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संवाद के लिए निर्धारित है।



















