गुना में नशे में धुत सिपाही का हंगामा, लोगों से बदसलूकी; सरकारी राइफल भी थी साथ

गुना। मध्य प्रदेश के गुना से पुलिस विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस आरक्षक पर शराब के नशे में हंगामा करने और आम लोगों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। गुना की पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी सिपाही की ड्यूटी शहर के सर्किट हाउस में वीआईपी ड्यूटी के लिए लगाई गई थी। हालांकि, रात में वह ड्यूटी छोड़कर नयापुरा इलाके में पहुंच गया। यहां ममता डेयरी के पास उसके हंगामा करने की जानकारी सामने आई है।
VIP ड्यूटी छोड़कर नयापुरा पहुंचा सिपाही
जानकारी के मुताबिक पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 869 मनोज धाकड़, जिसे कुछ दस्तावेजों में मनोज वर्मा भी बताया गया है, की ड्यूटी सर्किट हाउस में लगाई गई थी। बताया गया है कि रात करीब 11:30 बजे वह अपने साथी आरक्षक के साथ ड्यूटी स्थल से निकलकर नयापुरा पहुंच गया। आरोप है कि उस समय वह शराब के नशे में था। ममता डेयरी के पास पहुंचने के बाद उसने लोगों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी शुरू कर दी और हंगामा करने लगा। घटना की जानकारी मिलने के बाद वहां मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
‘रोड नहीं बनी तो वोट नहीं देंगे’... युवक की बात पर भड़के मंत्री सिंधिया
नशे में सरकारी राइफल भी साथ थी
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि आरक्षक के पास उसकी सरकारी राइफल भी मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आई जानकारी के अनुसार, नशे की हालत में सिपाही ने राइफल को जमीन पर फेंक दिया। उसके साथ मौजूद दूसरे आरक्षक ने किसी तरह सरकारी हथियार को संभाला। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने आरोपी आरक्षक को समझाने और वहां से ले जाने की कोशिश की, लेकिन बताया जा रहा है कि वह काफी देर तक हंगामा करता रहा।
वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आया विभाग
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें आरक्षक सामान्य स्थिति में नजर नहीं आ रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरक्षक को निलंबित कर दिया। एसपी के मुताबिक, वीडियो में आरक्षक की स्थिति ठीक नहीं लग रही थी और लोगों की ओर से उसके द्वारा उपद्रव किए जाने की जानकारी भी मिली थी। एसपी ने बताया कि आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी से गैरहाजिरी और अशोभनीय व्यवहार का मामला
पुलिस की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि आरक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना अनुपस्थित रहकर अनुशासन का उल्लंघन किया। साथ ही उस पर आम लोगों के साथ अशोभनीय व्यवहार करने का भी आरोप है। आदेश में मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। निलंबन की अवधि में आरक्षक का मुख्यालय पुलिस लाइन गुना रखा गया है। उसे अधिकारियों की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के अनुसार उसे निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।
पहले भी सामने आने की बात
मामले से जुड़ी जानकारी में यह भी कहा गया है कि संबंधित आरक्षक पर पहले भी शराब के नशे में इस तरह का व्यवहार करने के आरोप सामने आ चुके हैं। हालांकि, इन पुराने मामलों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। जांच में घटना की परिस्थितियों, ड्यूटी से अनुपस्थिति, शराब के नशे में होने और सरकारी हथियार के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।


















