हरसूद में ग्रामीणों ने पकड़ी अवैध शराब की 7 से ज्यादा पेटियां, कर्मचारी फरार

हरसूद विकासखंड के गांवों में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर रोक नहीं लग रही है। शुक्रवार को ग्राम बैलवाड़ी में ग्रामीणों ने गांव में पहुंचने से पहले ही सात से ज्यादा पेटियां शराब पकड़ लीं। इस दौरान शराब की सप्लाई करने वाले कर्मचारी मौके से भाग गए।
सप्लाई से पहले ग्रामीणों ने पकड़ी शराब
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लंबे समय से अवैध तरीके से शराब पहुंचाए जाने की शिकायत की जा रही है। उनका आरोप है कि शराब ठेकेदार के कर्मचारी रोजाना बड़ी मात्रा में शराब गांवों तक पहुंचाते हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों को शराब की खेप गांव में पहुंचने की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर सात से ज्यादा पेटियां पकड़ लीं। बताया गया कि इस दौरान शराब लेकर पहुंचे कर्मचारी वहां से निकल गए।
पेटियां लेकर थाने पहुंचे ग्रामीण
शराब पकड़ने के बाद ग्रामीण मामले की शिकायत लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और गांव में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। उनका आरोप है कि गांव में लगातार शराब पहुंचने से माहौल प्रभावित हो रहा है।
कलेक्टर को भी दिया आवेदन
ग्रामीणों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में पहुंचकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता को भी आवेदन सौंपा। आवेदन में गांव में शराब की कथित अवैध बिक्री बंद कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि शराब की बिक्री बढ़ने से गांव के माहौल पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इसका प्रभाव स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है और गांव में शराब पीने वालों की संख्या बढ़ रही है।
महिलाओं में असुरक्षा का माहौल
ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी कहा कि कुछ लोग शराब पीकर गांव में गाली-गलौज करते हैं। इससे महिलाओं में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार शराब बेचने वाले लोगों को गांव में शराब नहीं बेचने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर बिक्री जारी रही।
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ग्राम बैठक में शराब बिक्री रोकने का फैसला
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बैठक के दौरान शराब की बिक्री नहीं करने का फैसला लिया गया था। इसके बावजूद गांव में शराब पहुंचाए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की बिक्री जारी रहने से गांव का माहौल खराब हो रहा है। उनका आरोप है कि इसका असर बच्चों और परिवारों पर भी पड़ रहा है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कलेक्टर को आवेदन देने के दौरान विष्णु पंवार, अर्जुन नायक, नंदू राठौर, सालक पंवार, तिलोक पंवार, नारायन पंवार, हुकम कोटवार, रोहित पंवार, अभिषेक लोवंशी और रामपाल पंवार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि शिकायत और पकड़ी गई शराब के मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों ने गांव में शराब की कथित अवैध बिक्री पूरी तरह बंद कराने की मांग की है।


















