छात्रों की गूंज…राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए IDA ने 10 लाख के बाद 4 लाख और मांगे, तैयारियों का भी जमा करना पड़ा शुल्क

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज के लिए 10 लाख के बाद और 4 लाख रुपए जमा करने का पत्र दिया है। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने 4 लाख रुपए और जमा किए हैं। यह राशि तैयारियों के लिए मैदान लेने के लिए ली गई है।
छात्रों की गूंज…राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए IDA ने 10 लाख के बाद 4 लाख और मांगे, तैयारियों का भी जमा करना पड़ा शुल्क
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम छात्रों की गूंज के लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं।

इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले इंदौर में मैदान के किराए को लेकर कांग्रेस और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) आमने-सामने हैं। कार्यक्रम की अनुमति के लिए करीब 15 दिन तक प्रक्रिया चली। आखिरकार कांग्रेस ने 10 लाख 8 हजार रुपए जमा कर मैदान की अनुमति हासिल की, लेकिन इसके तुरंत बाद नया आर्थिक पेंच खड़ा हो गया। कांग्रेस का कहना है कि अनुमति मिलने के बाद IDA ने कार्यक्रम की तैयारियों के लिए अलग से 4 लाख रुपए जमा कराने का पत्र जारी कर दिया। इस अतिरिक्त शुल्क के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को 4 लाख रुपए भी जमा कर दिए। इससे कार्यक्रम के लिए मैदान पर होने वाला कुल खर्च और बढ़ गया।

पहले 2 लाख, फिर 10 लाख का किराया 

मैदान के लिए आवेदन करते समय शुरुआत में करीब 2 लाख रुपए शुल्क बताया गया था। बाद में यह राशि बढ़ाकर करीब 10 लाख रुपए कर दी गई। कांग्रेस ने निर्धारित 10 लाख 8 हजार रुपए जमा किए। इसके बाद IDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से तैयारियों के नाम पर 4 लाख रुपए और जमा कराने को कहा गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने अतिरिक्त शुल्क की तारीख पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि कार्यक्रम की अनुमति 15 सितंबर को दी गई, जबकि तैयारी शुल्क की गणना 14 सितंबर से की गई। कांग्रेस ने इसे अनुचित बताते हुए प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। 

 कार्यक्रम से पहले बढ़ता विवाद 

इस पूरे घटनाक्रम ने राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम से पहले राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है। कांग्रेस ने अतिरिक्त राशि जमा तो कर दी है, लेकिन शुल्क बढ़ाने की प्रक्रिया और उसकी गणना की तारीख को लेकर फिर एक बार विवाद की स्थिति बनी है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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