इंदौर पहुंचे पवन खेड़ा, पेपर लीक और महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा

इंदौर। पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम कोटा से शुरू होकर उत्तराखंड और महाराष्ट्र होते हुए मध्य प्रदेश पहुंचा है। उन्होंने Gen-Z के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि युवाओं को कुंठा और निराशा की ओर धकेला जा रहा है। खेड़ा ने रोजगार, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और महंगाई समेत कई मुद्दों पर सरकार से सवाल किए और कहा कि कांग्रेस से मिले सुझावों को इकट्ठा कर रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज से सामने आने वाले सुझावों और समस्याओं को लोकसभा तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में होना है।
युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया
पवन खेड़ा ने मीडिया से चर्चा में दावा किया कि आयोजन की सफलता दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से होती है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ी ने बहुत कुछ बर्दाश्त किया, लेकिन अब नई पीढ़ी अपमान सहने के लिए तैयार नहीं है। Gen-Z के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को कुंठा और निराशा की ओर धकेला जा रहा है। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों से GDP के आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक सवाल यह है कि सुबह नौकरी की तलाश में निकलने वाला युवा शाम को खाली हाथ क्यों लौटता है।
PM मोदी और इवेंट मैनेजमेंट का किया जिक्र
खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने इवेंट मैनेजमेंट को ज्यादा महत्व दिया। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी द्वारा नरेंद्र मोदी को कभी इवेंट मैनेजर कहे जाने का भी जिक्र किया। दिल्ली में मलबे में बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से महज एक किलोमीटर दूर ऐसी घटना होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
नितिन नवीन के इंदौर दौरे पर भी साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर दौरे पर भी खेड़ा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में लोग डूब रहे थे, वे यहां दिया जलाने आए थे। वहीं मध्य प्रदेश के स्थानीय मुद्दों पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई समस्याएं हैं।
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पेपर लीक और भ्रष्टाचार को लेकर रणनीति का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी के भविष्य जैसे आंदोलनों को लेकर पूछे गए सवाल पर खेड़ा ने कहा कि राजनीति समाज से निकलती है और अलग-अलग संगठनों की अपनी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि देश में अवसरों की कमी नहीं है, जरूरत राजनीतिक संवाद को मजबूत करने की है। इंदौर को भाजपा का मजबूत गढ़ बताए जाने पर खेड़ा ने कहा कि जिन मुद्दों के कारण भाजपा को मजबूत माना जाता है, उन्हीं मुद्दों पर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अन्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का कंट्रोल रूम सभी मुद्दों की जानकारी जुटा रहा है और रणनीति बनाकर उन्हें संसद तक ले जाया जाएगा।
सुरक्षा और एंट्री को लेकर खेड़ा ने कही यह बात
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और अनुमति के सवाल पर खेड़ा ने कहा कि सुरक्षा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है। कार्यक्रम में लाखों रजिस्ट्रेशन होने और एंट्री को लेकर पूछे गए सवाल पर खेड़ा ने कहा कि निराश कोई नहीं जाएगा, सभी अंदर आएंगे और राहुल गांधी को सुनेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निराश सिर्फ दिल्ली में बैठे बर्थडे वाले बाबा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे।
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UPI और राहुल गांधी पर बयानबाजी का भी किया जिक्र
यूपीआई और डिजिटल पेमेंट को लेकर खेड़ा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कैशलेस इकोनॉमी की बात करने वाली सरकार अब MDR जैसे शुल्क लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और सरकार अमेरिका के सामने झुकती जा रही है। राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की टिप्पणियों को लेकर खेड़ा ने कहा कि जिस प्रचार के शेर पर वे सवार हुए थे, अब वही शेर उनके पीछे पड़ गया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को लेकर लगातार की जा रही बयानबाजी का फायदा कांग्रेस को ही मिल रहा है। MSME और छोटे दुकानदारों से मिले सुझावों का जिक्र करते हुए खेड़ा ने कहा कि छात्रों की गूंज से सामने आने वाले सुझावों और समस्याओं को लोकसभा तक पहुंचाया जाएगा। वहीं इंदौर की सभी नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा के कब्जे को लेकर पूछे गए सवाल पर खेड़ा ने कहा कि आवाज नहीं आ रही है, लेकिन यह किला जरूर गिरने जा रहा है।




















