फिर फंसे SpiceJet के यात्री! दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का बुरा हाल, वजह ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को SpiceJet की कई उड़ानें प्रभावित हुईं। ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते कुछ फ्लाइट्स अपने तय समय से काफी देर से रवाना हुईं, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। अचानक उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव होने से एयरपोर्ट पर मौजूद सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई यात्री अपनी फ्लाइट के बारे में जानकारी लेने के लिए एयरलाइन और एयरपोर्ट कर्मचारियों से संपर्क करते नजर आए।
एयरपोर्ट ने यात्रियों से मांगी माफी
फ्लाइट्स प्रभावित होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी। एयरपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए ग्राउंड स्टाफ को लगाया गया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन SpiceJet की टीम के साथ मिलकर स्थिति को संभालने और यात्रियों को जरूरी सहायता देने का काम कर रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक SpiceJet की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
भारी बारिश का असर! SpiceJet और Indigo ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, उड़ानों में देरी और बदलाव की आशंका
कुछ दिन पहले दुबई की फ्लाइट 30 घंटे लेट
SpiceJet की उड़ानों में देरी का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले कुछ दिनों में एयरलाइन की कई उड़ानों के लंबे समय तक लेट होने की खबरें सामने आई हैं। 15 सितंबर को दिल्ली से दुबई जाने वाली SpiceJet की दो उड़ानों में काफी देरी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, इनमें से एक फ्लाइट करीब 30 घंटे की देरी से रवाना हुई, जबकि दूसरी उड़ान को करीब 19 घंटे इंतजार के बाद उड़ाया गया। लंबे इंतजार से परेशान करीब 200 यात्रियों ने उस दौरान एयरपोर्ट पर विरोध भी जताया था। यात्रियों की शिकायत थी कि उन्हें उड़ान में देरी को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
पहले से आर्थिक दबाव में है एयरलाइन
SpiceJet पिछले काफी समय से वित्तीय और संचालन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। एयरलाइन की आर्थिक स्थिति और उड़ानों के संचालन को लेकर सरकार भी उसके साथ बातचीत कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को बताया था कि सरकार SpiceJet के साथ उसकी संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार चर्चा कर रही है। मंत्री के मुताबिक, एयरलाइन को अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। SpiceJet ने भी आने वाले समय में स्थिति सुधारने का भरोसा दिया है।
सरकार से अतिरिक्त मदद नहीं मांगी
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, SpiceJet ने सरकार से सीधे तौर पर अतिरिक्त वित्तीय मदद की मांग नहीं की है। हालांकि, एयरलाइन इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम यानी ECLGS के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। इस योजना के तहत सरकार बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज पर गारंटी देती है। इससे कंपनियों के लिए बैंक से कर्ज लेना आसान हो जाता है। भारतीय विमानन कंपनियों पर कई तरह के आर्थिक दबाव बढ़े हैं। ईंधन की कीमत, एयरस्पेस से जुड़ी परेशानियां, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और विमानों के सीमित इस्तेमाल जैसी वजहों का असर एयरलाइंस के कारोबार पर पड़ा है।
समय पर उड़ान के मामले में भी रिकॉर्ड कमजोर
SpiceJet के सामने सिर्फ आर्थिक चुनौती ही नहीं है, बल्कि समय पर उड़ान संचालित करने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में SpiceJet की केवल 34.5 प्रतिशत उड़ानें ही तय समय पर संचालित हुईं। यह आंकड़ा बड़ी एयरलाइंस के मुकाबले कमजोर रहा। लगातार उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन का सीधा असर यात्रियों पर पड़ता है। खासकर उन यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती है, जिनकी आगे की यात्रा के लिए दूसरी फ्लाइट या ट्रेन की बुकिंग होती है।


















