साय सरकार के चौथे बजट की तैयारी तेज, 20 नवंबर तक देना होगा प्रस्ताव, जनवरी में मंत्रियों से मंथन

1 अक्टूबर से शुरू होगी बजट प्रक्रिया, 17 दिसंबर तक सचिवों से चर्चा और 4 से 18 जनवरी तक मंत्रियों के साथ नवीन मदों पर होगा मंथन, छत्तीसगढ़ में साय सरकार के चौथे बजट यानी वर्ष 2027-28 की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त विभाग ने सभी एसीएस, पीएस, सचिव और विभागाध्यक्षों से बजट प्रस्ताव मांगे हैं। बजट प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होगी और 20 नवंबर तक प्रस्ताव अंतिम रूप से जमा करने होंगे।
साय सरकार के चौथे बजट की तैयारी तेज, 20 नवंबर तक देना होगा प्रस्ताव, जनवरी में मंत्रियों से मंथन

प्रेम कुमार,रायपुर : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के चौथे बजट की तैयारियां तेज हो गई हैं। वित्त विभाग ने वर्ष 2027-28 के बजट के लिए सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव मांगे हैं। विभागों को 20 नवंबर तक अपने बजट प्रस्ताव अंतिम रूप से जमा करने होंगे। इसके बाद दिसंबर और जनवरी में सचिवों तथा विभागीय मंत्रियों के साथ प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होगी।

1 अक्टूबर से शुरू होगी बजट प्रक्रिया

वित्त विभाग के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजने होंगे। बजट प्रस्तावों में नवीन योजनाओं और नए व्यय को प्राथमिकता के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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20 नवंबर होगी प्रस्ताव जमा करने की आखिरी तारीख

विभागों को वर्ष 2027-28 के बजट प्रस्ताव 20 नवंबर तक अंतिम रूप से जमा करने होंगे। वित्त विभाग प्रस्तावों की जांच के बाद आगामी चरण की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे पहले विभागों को अपने-अपने स्तर पर योजनाओं और प्रस्तावित खर्च का परीक्षण करना होगा।

दिसंबर में सचिवों के साथ होगी चर्चा

बजट प्रक्रिया के अगले चरण में 1 से 17 दिसंबर तक वित्त सचिव संबंधित विभागों के सचिवों के साथ चर्चा करेंगे। इस दौरान विभागों की ओर से प्रस्तुत किए गए नवीन मदों और व्यय प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

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जनवरी में मंत्रियों से मंथन

इसके बाद 4 से 18 जनवरी 2027 तक वित्त मंत्री की अन्य विभागीय मंत्रियों के साथ चर्चा प्रस्तावित है। इस चरण में नवीन मदों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें बजट में शामिल किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आदिवासी और अनुसूचित जाति योजनाओं पर विशेष निर्देश

वित्त सचिव ने पत्र में स्पष्ट किया है कि आदिवासी क्षेत्र उपयोजना और अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना से संबंधित बजट प्रस्ताव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के वित्तीय सलाहकार प्रकोष्ठ को भेजे जाएं।

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परीक्षित मदों को मिलेगी प्राथमिकता

वित्त विभाग ने बजट प्रस्ताव तैयार करने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2027-28 के बजट में अपरीक्षित व्यय के नए मदों की तुलना में परीक्षित मद के रूप में प्रस्तुत प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।

अपरीक्षित प्रस्तावों पर मंत्री स्तर पर विचार

पत्र के अनुसार अपरीक्षित नवीन मदों के प्रस्तावों पर केवल मंत्री-स्तरीय चर्चा के दौरान विचार किया जाएगा। ऐसे में विभागों को अपने प्रस्तावों की आवश्यक जांच और परीक्षण समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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पंचायत और ग्रामीण विकास योजनाओं का बनेगा समेकित बजट

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मांग संख्याओं के अंतर्गत संचालित योजनाओं के लिए समेकित बजट प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संबंधित विभागों के साथ चर्चा करेगा और इसके बाद प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में वित्त विभाग को भेजे जाएंगे।

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए SNA-SPARSH मॉडल पर जोर

वित्त विभाग ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए हैं। केंद्रीय विभागों से संपर्क कर SNA-SPARSH मॉडल के माध्यम से संचालित योजनाओं के लिए उचित बजट शीर्ष खोलने को कहा गया है। इसका उद्देश्य योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और राशि की विमुक्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।

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अब विभागों की तैयारियों पर नजर

साय सरकार के चौथे बजट को लेकर वित्त विभाग ने समय-सीमा तय कर दी है। अब विभिन्न विभागों को अपनी योजनाओं, नए व्यय और बजट जरूरतों का प्रस्ताव तैयार कर निर्धारित तारीखों में प्रस्तुत करना होगा। दिसंबर से जनवरी तक होने वाली बैठकों के बाद बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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