मध्य प्रदेश इन दिनों तेज ठंड की चपेट में है। भोपाल में पिछले तीन दिनों से शीतलहर चल रही है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार और नरसिंहपुर में कोल्ड डे, जबकि भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी है। रविवार को भोपाल और शहडोल में शीतलहर चली, वहीं शाजापुर, नरसिंहपुर और बैतूल में कोल्ड डे रिकॉर्ड किया गया।
लगभग पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी नीचे है।
हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश के कारण वहां से बहुत ठंडी हवाएं आ रही हैं। इसी वजह से पिछले 3 दिनों से एमपी में कड़ाके की ठंड बनी हुई है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है क्योंकि उत्तरी हवाएं सीधे इन्हीं इलाकों में प्रवेश कर रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक प्रदेश में कोल्ड वेव और कोल्ड डे दोनों बने रहेंगे। भोपाल और इंदौर में इसका असर सबसे ज्यादा होगा। पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, जो हिमालयी राज्यों में फिर से बर्फबारी कराएगा। इससे ठंडी हवाओं का झोंका एमपी में लगातार पहुंचता रहेगा।
इस बार सर्दी पहले से ज्यादा तेज है- भोपाल में नवंबर की ठंड का 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया, 17 नवंबर को तापमान 5.2°C पहुंचा-अब तक का सबसे कम, इंदौर में भी 25 साल की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई, मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में भी ऐसी ही कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।
जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा बारिश के महीने होते हैं, वैसे ही दिसंबर और जनवरी सबसे ठंडे महीने होते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं सबसे ज्यादा आती हैं, जिससे तापमान तेज़ी से गिरता है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण दिसंबर में मावठा (हल्की बारिश) भी होती है, जिससे दिन में भी ठंड बढ़ जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। उत्तर से सीधी बर्फीली हवाएं आती हैं। दिन और रात दोनों के तापमान में जोरदार गिरावट होती है। इस बार भी यही मौसम रहने की उम्मीद है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा ठंड पड़ेगी-
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर में कई शहरों में शीतलहर चलेगी। जनवरी में कोल्ड वेव 20 से 22 दिन तक रह सकती है। ऐसा माना जा सकता है कि आने वाला पूरा महीना ठिठुरन से भरा रहेगा।