Hemant Nagle
23 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिससे ठंड का असर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बादल छाए रहने की संभावना है।
देश के पहाड़ी राज्यों में हुई बर्फबारी के बाद पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है। इसके सक्रिय होने से प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिससे मध्य प्रदेश में भी बारिश के नए दौर की संभावना है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से दिन-रात के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं का असर देखा जा रहा है। ग्वालियर-चंबल से भोपाल संभाग तक इसका असर स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं है। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा कई जिलों में छाया रह सकता है।
कोहरे का असर: गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, सतना, रीवा, मंडला, नरसिंहपुर और सिवनी में हल्का कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को भी इन जिलों में कोहरे की स्थिति दर्ज की गई थी।
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शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
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ग्वालियर |
27.2 |
13.5 |
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श्योपुर |
26.6 |
15.0 |
|
भिंड |
28.2 |
15.2 |
|
मुरैना |
28.2 |
15.2 |
|
दतिया |
25.5 |
10.2 |
|
निवाड़ी |
25.1 |
10.0 |
|
टीकमगढ़ |
27.2 |
14.0 |
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छतरपुर (नौगांव) |
27.0 |
6.5 |
|
भोपाल |
27.5 |
17.4 |
|
इंदौर |
28.8 |
16.2 |
|
उज्जैन |
28.5 |
15.0 |
|
रीवा |
27.0 |
8.4 |
|
मंडला |
29.8 |
9.7 |
|
खजुराहो |
28.0 |
9.4 |
न्यूनतम तापमान के अनुसार रीवा, खजुराहो और मंडला सबसे ठंडे क्षेत्र में शामिल हैं, जबकि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में हल्की ठंड महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी मध्य प्रदेश के सबसे ठंडे महीने माने जाते हैं। इस दौरान उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं का प्रभाव प्रदेश में अधिक रहता है, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाती है और दिन-रात ठंड का एहसास बना रहता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से जनवरी महीने में अक्सर मावठा गिरने की संभावना बनती है। पिछले साल भी कई जिलों में इसी समय बारिश देखने को मिली थी, जबकि इस साल जनवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में बादल छाए रहने और हल्की बारिश जैसे मौसम की स्थिति बनती नजर आ रही है, जो इस सर्दी के असर को और बढ़ा रही है।
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