धार का धीरज :बसंत पंचमी की पूजा सहित जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न, लोगों की एकजुटता बनीं शांति की मिशाल

वसंत पंचमी के दिन धार शहर पूरी तरह पुलिस छावनी में बदला नजर आया। भोजशाला जाने वाले हर रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई थी और हर इलाके में पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही ड्रोन के जरिए आसमान से निगरानी की जा रही थी।
बसंत पंचमी की पूजा सहित जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न, लोगों की एकजुटता बनीं शांति की मिशाल
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    धार की ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व इस बार पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भोजशाला परिसर में मां सरस्वती की पूजा, हवन साथ ही मुस्लिम समाज द्वारा जुमे की नमाज एक ही दिन और एक ही स्थान पर कराई गई, लेकिन किसी भी तरह का विवाद या तनाव देखने को नहीं मिला। 

    तय समय और तय संख्या के अनुसार मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने नमाज अदा की, जबकि सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला में मां सरस्वती की आराधना और यज्ञ चलता रहा। पूर्णाहूति के बाद हवन संपन्न हुआ और धारवासियों ने राहत की सांस ली।

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    धार...क्या खूब दिखाया 'धीरज'

    आस्था और इबादत की दोनों धाराएं शुक्रवार को एक साथ जरूर मिलीं, लेकिन इस बार न पत्थर चले, न लाठीचार्ज हुआ और न ही आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बीते वर्षों में जब-जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी, धार के हालात बिगड़ते रहे थे। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और शहरवासियों ने भी संयम और धैर्य का परिचय दिया। नतीजतन वसंत पंचमी और जुम्मे की नमाज दोनों ही बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुईं।

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    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से मिली मदद 

    भोज उत्सव समिति की ओर से इस मौके पर धर्मसभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें वर्ष 2034 तक धार में भव्य मंदिर निर्माण की बात कही गई। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत प्रशासन को पूजा और नमाज शांतिपूर्ण ढंग से कराने में काफी सहूलियत मिली। भोजशाला परिसर की मस्जिद में दोपहर 2 बजे नमाज अदा कराई गई। इसके लिए 15 से अधिक मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को पास जारी किए गए थे। उन्हें वज्र वाहन के जरिए कड़ी पुलिस सुरक्षा में लाया गया और करीब 20 मिनट तक नमाज के बाद वापस सुरक्षित ले जाया गया।

    जिले से छावनी में बदला धार

    बसंत पंचमी के दिन धार शहर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। भोजशाला जाने वाले हर रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई थी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन से आसमान से निगरानी की जा रही थी, वहीं घरों की छतों और गलियों तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। भोजशाला के बाहर आरपीएफ के जवान तैनात थे, जबकि परिसर के भीतर दो हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल मौजूद रहे। जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के भोजशाला के दर्शन किए।

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    शुक्रवार को बसंत पंचमी का यह आयोजन न सिर्फ प्रशासनिक सतर्कता का उदाहरण बना, बल्कि धार के लोगों के संयम और समझदारी ने भी यह संदेश दिया कि आस्था और इबादत साथ-साथ, शांति और सौहार्द के साथ निभाई जा सकती है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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