Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैला जलजनित संक्रमण अब भयावह आपदा का रूप ले चुका है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा हालात नियंत्रण में होने के दावों के बावजूद मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार रात संक्रमण की चपेट में आईं 85 वर्षीय विद्या बाई यादव ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस ताजा मौत के बाद क्षेत्र में संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर गई है।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासनिक दावों पर भी सवाल और गहरे हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि हालात सुधरने के बजाय दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहे हैं।
मृतका के पुत्र शिवनारायण यादव ने बताया कि उनकी माता 12 जनवरी से उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत से जूझ रही थीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संक्रमण के कारण शरीर इतना कमजोर हो गया कि घर में ही चक्कर खाकर गिरने से उनके दाहिने पैर के कूल्हे की हड्डी टूट गई।
परिजनों ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एमवाय अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञों ने उम्र का हवाला देकर सर्जरी करने से इनकार कर दिया। पर्याप्त इलाज और देखरेख के अभाव में वृद्धा की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गुरुवार को अचानक तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें निजी अरविंदो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन देर हो चुकी थी।
भागीरथपुरा में लगातार बढ़ रही मौतों ने नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। नलों से आ रहा दूषित पानी अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ठोस और निर्णायक कार्रवाई अब तक नजर नहीं आ रही।