PM मोदी का यूथ कनेक्ट प्लान!युवाओं पर फोकस, सचिवों से बोले- यूनिवर्सिटी से जुड़ें, नई सोच को नीति में लाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की। नई दिल्ली स्थित 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में सरकार के कामकाज और आने वाले समय की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल मौजूदा समस्याओं और आंकड़ों पर ध्यान न दें बल्कि देश की भविष्य की जरूरतों को भी समझें। उन्होंने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, विदेश नीति, तकनीक, रक्षा और समुद्री क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे भी सामने आए।
युवाओं की सोच को नीति में शामिल करने पर जोर
पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि विश्वविद्यालयों और युवाओं के साथ लगातार संवाद बढ़ाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि युवा नई तकनीक और बदलती जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं। उनके सुझावों से सरकार को नीतियां तैयार करने में नए और अलग विचार मिल सकते हैं। पीएम ने अधिकारियों से युवाओं की बात सुनने और उनके साथ सीधे संपर्क बढ़ाने की बात कही।
सिर्फ आज नहीं, भविष्य पर भी नजर
प्रधानमंत्री ने सचिवों को सलाह दी कि सरकारी योजनाएं बनाते समय सिर्फ मौजूदा चुनौतियों को आधार न बनाया जाए। अधिकारियों को आने वाले वर्षों की जरूरतों का अनुमान लगाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाने पर भी जोर दिया। पीएम ने कहा कि सरकारी काम में टीम भावना और आपसी सहयोग बेहद जरूरी है।
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AI के साथ इंसानी समझ भी जरूरी
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी काम में AI का फायदा उठाया जाना चाहिए, लेकिन फैसलों में इंसानी समझ और निगरानी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने डेटा को भी बेहद महत्वपूर्ण संसाधन बताया। अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच डेटा साझा करने और तकनीकी सिस्टम को बेहतर तरीके से जोड़ने की जरूरत बताई गई।
रक्षा क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए नई तकनीक और कुशल लोगों की जरूरत है। रक्षा शिक्षा और मानव संसाधन को मजबूत करने के साथ सरकारी विभागों और संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की बात भी कही गई।
पोर्ट और शिपबिल्डिंग पर खास ध्यान
बैठक में समुद्री क्षेत्र को लेकर भी कई मुद्दों पर बात हुई। पीएम ने शिपबिल्डिंग की प्रगति की समीक्षा मिशन मोड में करने की जरूरत बताई। उन्होंने सिर्फ पोर्ट बनाने के बजाय पोर्ट के आसपास के क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने की बात कही। इससे व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट से जुड़ी इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क, रेल और समुद्री संपर्क से कारोबार को गति मिल सकती है। इससे भारतीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में भी आसानी होगी।
विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच काम करने का तरीका ज्यादा जुड़ा हुआ होना चाहिए। कोविड महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में विभागों ने साथ मिलकर काम किया। उन्होंने ऐसे तालमेल को सामान्य सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई। बैठक में सामूहिक जिम्मेदारी, नई सोच और बेहतर टीमवर्क को देश की प्रगति के लिए अहम बताया गया।




















