भोपाल:सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- अब अलग तरह का नशा बढ़ रहा: कहा- पहले हर गली-चौराहे पर पान-सिगरेट की दुकानें थीं

भोपाल। प्रधानमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में शराबबंदी और ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र किया। इसके साथ ही युवाओं से सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और समाज को जागरूक करने की अपील की।
नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी कमजोर करता है। उन्होंने इसे देश के भविष्य के सामने बड़ी चुनौती बताया और कहा कि इस लड़ाई को केवल सरकारी प्रयास तक सीमित नहीं रखा जा सकता। प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही इसे प्रभावी जन आंदोलन का स्वरूप मिलेगा।
'बीड़ी और सिगरेट की दुकानों का दायरा हुआ कम'
भोपाल के मैनिट सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पहले शहरों और कस्बों के हर चौराहे पर पान, बीड़ी और सिगरेट की दुकानें दिखाई देती थीं। समय के साथ इनकी संख्या घटी है, लेकिन नए प्रकार के नशे ने चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खुद आगे आकर समाज में जागरूकता फैलानी होगी।
'सरकार बनते ही 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई है। इसके साथ ही ड्रग तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाकर कई स्तर पर कार्रवाई की है।
'युवाओं को नशा छोड़कर सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए'
मुख्यमंत्री ने शराब से जुड़े विवाद में दो भाइयों के बीच हुई चाकूबाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि नशा परिवारों को बर्बाद कर देता है। वहीं प्रधानमंत्री ने भी युवाओं से खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा।












