'PM मोदी ने मेरी बेटी को नया जीवन दिया',अपशब्द बोलने वाली नाबालिग की मां ने जताया आभार; FIR वापस लेने की भी अपील

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां ने प्रधानमंत्री के प्रति सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को माफ कर प्रधानमंत्री ने उसे नया जीवन दिया है। साथ ही उन्होंने बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की अपील करते हुए सरकार से नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग और राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर भी सख्त नियम बनाने की मांग की है।
'आज मेरी बेटी का दोबारा जन्म हुआ'
लड़की की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बदले की भावना के बजाय क्षमा का रास्ता अपनाकर बड़ा दिल दिखाया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के जन्मदिन पर मिली यह माफी उसके लिए सबसे बड़ा उपहार है। मां ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करती हूं। उन्होंने मेरी बेटी को माफ कर अपनी महानता दिखाई है। आज उसका जन्मदिन है और उसे जीवनदान मिला है। मेरे लिए आज मेरी बेटी का दोबारा जन्म हुआ है।
PM मोदी ने संयम बरतने की अपील की थी
यह मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के विरोध में आयोजित छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए थे, जिनमें यह नाबालिग भी शामिल थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने Instagram अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर कहा था कि ऐसे मामलों में गुस्से या प्रतिशोध की भावना से प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। उन्होंने अपशब्द बोलने वाले बच्चों को भटका हुआ बताते हुए समाज से संयम बरतने की अपील की थी।
माफी मांगते हुए लड़की ने स्वीकार की गलती
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद लड़की का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पूरे देश से माफी मांगी। उसने कहा कि वह दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी और वहां से प्रदर्शन स्थल पहुंची। प्रदर्शन के दौरान आसपास मौजूद लोगों को नारे लगाते देखकर वह भी उनके प्रभाव में आ गई। वीडियो में लड़की ने कहा कि उसने जो किया, वह माफी के योग्य नहीं है। उसने इसे अपनी "पहली और आखिरी गलती" बताते हुए भविष्य में ऐसी भूल दोबारा न करने का भरोसा दिया।
FIR वापस लेने की मांग, उम्र गलत दर्ज होने का आरोप
माफी के बावजूद मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। लड़की के खिलाफ नोएडा में पहले Zero FIR दर्ज की गई थी, जिसे बाद में नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती है। वहीं, लड़की की मां का कहना है कि उन्होंने कई बार माफी मांगते हुए एफआईआर वापस लेने का अनुरोध किया है। उनका यह भी आरोप है कि एफआईआर में उनकी बेटी की उम्र 25 वर्ष दर्ज कर दी गई, जबकि वह 15 वर्ष की नाबालिग है।
नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर भी उठाई मांग
लड़की की मां ने सरकार से आग्रह किया कि 20 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और राजनीतिक प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें ऐसे माहौल से दूर रखा जाना चाहिए, जहां वे दूसरों के प्रभाव में आकर गलत कदम उठा सकते हैं।
CJP संस्थापक ने उठाया पुलिस कार्रवाई का सवाल
इस मामले में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के माफी वाले वीडियो का हवाला देते हुए सवाल किया कि यदि बच्ची को माफ कर दिया गया है तो उसके खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने पर भी विचार किया जाना चाहिए। अब इस पूरे प्रकरण में प्रधानमंत्री की अपील, नाबालिग की सार्वजनिक माफी, उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर और विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।












