दुर्ग सेंट्रल जेल में बड़ा सर्च ऑपरेशन, 100 अफसरों की दबिश, 2 मोबाइल समेत प्रतिबंधित सामान मिला

दुर्ग भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग केंद्रीय जेल में गुरुवार सुबह अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला और पुलिस प्रशासन की करीब 100 अधिकारियों एवं जवानों की टीम ने सुबह 6 बजे औचक छापा मारा। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अगुवाई में 10 टीमों ने करीब दो घंटे तक जेल परिसर की सघन तलाशी ली। इस दौरान दो मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चिलम, लाइटर, कैंची और नेलकटर समेत कई प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए।
सुबह 6 बजे जेल में अचानक पहुंची टीम
गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बिना पूर्व सूचना के दुर्ग केंद्रीय जेल पहुंची। टीम ने पूरे जेल परिसर को अपने घेरे में लेकर अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में करीब 100 अधिकारी और जवान शामिल रहे। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
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10 टीमों ने बैरक से शौचालय तक खंगाला
तलाशी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों ने 10 अलग-अलग टीमें बनाई थीं। इन टीमों ने जेल की बैरकों के साथ शौचालय, अहाते और उन संभावित स्थानों की भी बारीकी से जांच की, जहां प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी। करीब दो घंटे तक चली आकस्मिक चेकिंग में जेल परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई।
दो मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
तलाशी के दौरान जेल के भीतर से दो मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चिलम और लाइटर भी मिले। अधिकारियों को कैंची और नेलकटर समेत अन्य प्रतिबंधित सामान भी मिला है। बरामदगी के बाद सभी सामान का पंचनामा तैयार किया गया।
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मोबाइल से किससे हुई बातचीत? होगी जांच
जेल में मोबाइल फोन मिलने के बाद अब प्रशासन की जांच का फोकस इस बात पर रहेगा कि इन मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बातचीत हुई थी। साथ ही सिम कार्ड किसके नाम पर हैं और मोबाइल जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल और सिम से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
बरामद सामान पुलिस को सौंपा
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक तलाशी में मिले प्रतिबंधित सामान का पंचनामा तैयार कर संबंधित थाना प्रभारी को सौंप दिया गया है। मोबाइल और सिम कार्ड की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद?
कार्रवाई के दौरान एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एडिशनल एसपी ने बताया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक आकस्मिक चेकिंग की गई। इस दौरान 10 टीमों ने पूरे जेल परिसर की तलाशी ली।
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अब जांच के बाद खुलेगा पूरा राज
दुर्ग केंद्रीय जेल में मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान की बरामदगी के बाद अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सामान जेल के भीतर कैसे पहुंचा और मोबाइल का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया। प्रशासन की जांच रिपोर्ट और मोबाइल-सिम से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



















