बारिश थमी, लेकिन अंबेडकर वार्ड में कीचड़; गंदगी और बदबू से लोग परेशान

सोहागपुर। बारिश थमने के बाद भी वार्ड में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर, नालियों में जमा कचरा और बारिश के बाद बने जलभराव से मच्छरों के पनपने की स्थिति बनी हुई है। रहवासियों ने नगर परिषद से मच्छररोधी दवा और पाउडर का छिड़काव कराने सहित तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जगह-जगह कचरे के ढेर और जलभराव से बढ़ी परेशानी
वार्ड में जगह-जगह कचरे के ढेर, गंदगी, नालियों में जमा कचरा और बारिश के बाद बने जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति बनी हुई है। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा अब तक वार्ड में मच्छररोधी दवा का पर्याप्त छिड़काव नहीं कराया गया है और न ही नालियों और जलभराव वाले स्थानों पर पाउडर का उपयोग किया गया है। इससे नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
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बारिश के बाद भी नहीं चला विशेष मच्छररोधी अभियान
स्थानीय पार्षद मोहन कहार सहित वार्डवासियों का कहना है कि पूरे बारिश के मौसम में कई स्थानों पर पानी जमा रहा। नालियों में गंदगी और पानी के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बारिश खत्म होने के बाद उम्मीद थी कि नगर परिषद द्वारा विशेष मच्छररोधी अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने से अब समस्या और गंभीर होती दिखाई दे रही है।
शाम होते ही मच्छरों की भरमार
रहवासियों के अनुसार शाम होते ही वार्ड के कई हिस्सों में मच्छरों की भरमार हो जाती है। घरों के अंदर तक मच्छरों के पहुंचने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने बताया कि लंबे समय से सफाई और मच्छर नियंत्रण को लेकर नगर परिषद का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
बीमारी फैलने की आशंका से बढ़ी चिंता
पार्षद और रहवासियों का आरोप है कि अंबेडकर वार्ड के साथ लंबे समय से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार शिकायत और आग्रह के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने से वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मच्छरों की बढ़ती संख्या के बीच वार्डवासियों में मच्छरों से होने वाली बीमारियों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते जलभराव वाले स्थानों, नालियों और गंदगी वाले क्षेत्रों में मच्छररोधी दवा और पाउडर का छिड़काव नहीं किया गया तो मच्छरों के पनपने की स्थिति बनी रह सकती है और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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स्वच्छता अभियान के बीच व्यवस्था पर सवाल
वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता अभियान केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। बारिश के बाद जलभराव की स्थिति समाप्त करना, नालियों की नियमित सफाई कराना और मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा और पाउडर का छिड़काव भी स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक ओर स्वच्छता अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर अंबेडकर वार्ड में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से नागरिकों को जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नगर परिषद की मच्छर नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रहवासियों ने तत्काल वार्ड का निरीक्षण कर जलभराव और गंदगी वाले स्थानों को चिन्हित करने, नालियों की सफाई, मच्छररोधी दवा का छिड़काव, आवश्यक स्थानों पर पाउडर का उपयोग और नियमित फॉगिंग कराने की मांग की है।


















