ड्रग से बैटिंग और जमीन के खेल तक जांच पहुंची:नाना-भरत पटवारी से जुड़े 25 से ज्यादा लोगों गायब

इंदौर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े मामलों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उनसे जुड़े लोगों में भी खलबली बढ़ती जा रही है। ड्रग सप्लाई, जमीन के लेन-देन में कथित गड़बड़ी, धोखाधड़ी और ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े मामलों की जांच में पुलिस की नजर अब पटवारी बंधुओं से जुड़े लोगों के नेटवर्क पर है। जांच के दायरे में आए 40 से अधिक लोगों में से 25 से ज्यादा के घरों से गायब होने की बात सामने आई है। इनमें कुछ ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई के डर से करोड़ों रुपए का कारोबार तक छोड़ दिया है।
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पुलिस की जांच में सामने आए नामों और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है। जिनके खिलाफ अभी सीधे तौर पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, उनमें से कुछ गिरफ्तारी की आशंका के चलते अग्रिम जमानत की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं, कुछ कारोबारी, कॉलोनाइजर और फायनेंसर पुलिस की पूछताछ के कारण परेशान बताए जा रहे हैं।
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ड्रग केस से खुली कड़ियां, जांच पहुंची जमीन और ऑनलाइन बैटिंग तक
कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम ड्रग सप्लाई से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आया था। पुलिस ने संजय कौशल और गोलू उर्फ इरफान को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ आगे बढ़ने पर पुलिस को कई अन्य लोगों से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद जांच का दायरा जमीन के लेन-देन और ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े मामलों तक पहुंचा।
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पुलिस का कहना है कि अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान नाना पटवारी से जुड़े लोगों के नाम सामने आते गए। इनकी भूमिका की पुष्टि के लिए पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों, लेन-देन तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही पुलिस कार्रवाई से बचने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों ने कथित तौर पर घर से दूरी बना ली है, जबकि कुछ गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी सलाह लेकर अग्रिम जमानत की तैयारी कर रहे हैं।
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ड्रग मामले में पांच गिरफ्तार, बैटिंग में भी कार्रवाई
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के मुताबिक ड्रग मामले में नाना पटवारी के करीबी बताए जा रहे इरफान उर्फ गोलू, संजय कौशल, आरिफ उर्फ भूरा, फैजल और अयान को गिरफ्तार किया गया है।वहीं ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े मामले में यश, संजय, मानव, अमित और प्रीतेश की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अब इन मामलों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार मनीष सोमनानी, कृष्णकांत शर्मा, बंटी असरानी, सोमप्रीत और कृष्णा मौरे के संबंध में भी जांच जारी है। इनमें सोमप्रीत और कृष्णा मौरे द्वारा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन दोनों के नाम फिलहाल आरोपित के रूप में दर्ज नहीं हैं।
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कई लोग भूमिगत, पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
डीसीपी के अनुसार ड्रग मामले की जांच के दौरान सोहन जोजो, रेहान सहित कई अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। पुलिस इनके बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि ड्रग सप्लाई, ऑनलाइन बैटिंग और जमीन से जुड़े मामलों में सामने आए लोगों के बीच आपसी कनेक्शन क्या है। इसके लिए मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
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कॉलोनाइजर और फायनेंसर से पूछताछ, कारोबारी भी गायब
जांच की आंच कॉलोनाइजर और फायनेंसर तक भी पहुंच चुकी है। पुलिस कॉलोनाइजर सुमित मंत्री, पप्पू मंत्री, फायनेंसर सुमित और कथित छात्र नेता रवि चौधरी से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।वहीं कारोबारी जीतू तिंदोरी के गायब होने की बात भी सामने आई है। पुलिस को शुभम वैली में भूखंड से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामले में उससे पूछताछ करना बाकी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ फिलहाल कोई आरोप नहीं है, लेकिन वे किसी न किसी कारण से पुलिस की कार्रवाई की आशंका में घर से दूरी बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल किसी व्यक्ति का नाम जांच में सामने आना अपराध सिद्ध नहीं करता। प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।












