नाना पटवारी गैंग पर संगठित अपराध का केस:मोबाइल जब्त; देर रात बड़ी कार्रवाई

इंदौर। ड्रग्स और ऑनलाइन सट्टा कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी पर शिकंजा और कस दिया है। बुधवार को नाना पटवारी से घंटों पूछताछ के बाद पुलिस ने देर रात उसके कथित गिरोह के सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं सहित विभिन्न प्रावधानों में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने नाना का मोबाइल भी जब्त कर लिया है।
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डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नाना पटवारी और कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में नाना से ऑनलाइन सट्टा एप और उससे जुड़े नेटवर्क के संबंध में सवाल किए गए, लेकिन उसने सभी आरोपों से इनकार किया।
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अनुबंध पत्र पर भी हुए सवाल
पुलिस ने पायल साहनी के साथ हुए प्लॉट अनुबंध को लेकर भी नाना पटवारी से पूछताछ की। नाना ने अनुबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन उसके पास ऐसा अनुबंध करने का कोई वैध अधिकार या आधार नहीं होने की बात सामने आई। इसी मामले में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से भी पूछताछ की गई। सुमित ने पुलिस को बताया कि नाना पटवारी के साथ उसका कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है और उसकी किसी कॉलोनी में नाना की कोई भूमिका नहीं रही।
मोबाइल से मिले सट्टे के ट्रेल
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में नाना के मोबाइल से ऑनलाइन सट्टे से जुड़े ट्रेल और कुछ संदिग्ध आईडी मिलने की जानकारी सामने आई है। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
इनके खिलाफ भी दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने दर्ज प्रकरण में संजय कौशल, दिनेश श्रीवास्तव उर्फ यश लल्ला, मनीष और प्रितेश त्रिपाठी को भी आरोपी बनाया है। इन पर सट्टा एक्ट, ऑनलाइन सट्टा, आईटी एक्ट और संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।












