MP Weather Update:मध्यप्रदेश में रातभर से बरस रहा पानी, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; स्कूलों में आज छुट्टी घोषित

भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से बारिश की कमी के बीच मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को हुई बारिश के बाद कई जगह नदी-नाले उफान पर आ गए, जबकि कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिक ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और डालियां गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। VIP रोड पर पेड़ गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया।
5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में करीब 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 16 अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक प्रदेश में मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव बना हुआ है। इसी वजह से बारिश की गतिविधियां अचानक बढ़ी हैं।
भोपाल में रातभर बारिश, कई इलाकों में जलभराव
राजधानी भोपाल में रविवार रात से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो सोमवार सुबह तक जारी रहा। लगातार पानी गिरने से शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गईं। निचले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के साथ चल रही हवाओं ने भी मुश्किलें बढ़ाईं। कई जगह पेड़ और उनकी बड़ी शाखाएं सड़कों पर गिर गईं। VIP रोड पर पेड़ गिरने के बाद ट्रैफिक प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ा।
आज सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए सोमवार को भोपाल के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था संबंधित प्रशासनिक आदेशों के अनुसार सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू है। स्कूलों से जुड़े अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन के आधिकारिक संदेशों पर नजर रखें।
भोपाल के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित
शाजापुर में 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश
बारिश का सबसे तेज असर शाजापुर जिले में भी देखने को मिला। यहां महज 6 घंटे में करीब 4 इंच यानी लगभग 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कम समय में हुई इतनी बारिश से जिले के कई नदी-नाले उफान पर आ गए। कुछ निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मंडला में पुल के ऊपर से बहने लगा नर्मदा का पानी
लगातार बारिश का असर नर्मदा नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दिया। मंडला में नदी का पानी बढ़ने के बाद एक पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। स्थिति को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने लोगों से नदी और दूसरे जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है। बारिश के दौरान पुल, रपटे और छोटे नदी-नालों को पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
विदिशा में भी नदी का पानी पुल के ऊपर
विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र में भी बारिश के बाद हालात बिगड़े। यहां रहटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बहता हुआ दिखाई दिया। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
उमरिया में बांध के 5 गेट खोले गए
उमरिया में भी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ गया है। यहां संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश बढ़ी, फिर भी प्रदेश में 19% कमी
मध्यप्रदेश में इस समय बारिश का दौर भले ही तेज हो गया हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है।प्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि तक सामान्य तौर पर करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। वहीं ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून-जुलाई में कमजोर रहा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून और जुलाई में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने के कारण प्रदेश में बारिश की कमी बनी हुई है। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जबकि जुलाई में भी मानसून अपेक्षित ताकत के साथ सक्रिय नहीं रहा। पूरे मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है।
11 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, वर्तमान निम्न दबाव क्षेत्र के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले दो दिनों तक इसका प्रभाव ज्यादा रह सकता है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से करीब 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। इसके कारण 12 और 13 अगस्त को भी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
बारिश के बीच इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के दौरान लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। तेज बहाव वाले नदी-नालों, पुलों और रपटों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। अगर किसी सड़क पर पानी तेजी से बह रहा है तो वहां से वाहन निकालने का जोखिम न लें। घर से निकलने से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की जानकारी जरूर देख लें।











