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PU Special :4200 करोड़ का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस धंसा, फिर विवादों में पीएनसी इंफ्राटेक; भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका भी इसी कंपनी के पास

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर उद्घाटन के कुछ दिनों बाद गड्ढे और सड़क धंसने के वीडियो वायरल होने के बाद इसे बनाने वाली पीएनसी इंफ्राटेक एक बार फिर सवालों के घेरे में है। खास बात यह है कि इसी कंपनी को भोपाल वेस्टर्न बायपास के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे प्रस्तावित परियोजना की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
4200 करोड़ का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस धंसा, फिर विवादों में पीएनसी इंफ्राटेक; भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका भी इसी कंपनी के पास
फिर विवादों में पीएनसी इंफ्राटेक; भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका भी इसी कंपनी के पास

मनीष दीक्षित, भोपाल। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे और सड़क धंसने के वीडियो सामने आने के बाद पीएनसी इंफ्राटेक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। इसी कंपनी को भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका मिलने से इसकी निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। परियोजना का एलाइनमेंट बदलने के बाद लंबाई करीब 36 किलोमीटर होने की संभावना है, जबकि लागत 200 करोड़ रुपए बढ़ गई है। नागरिक संगठनों ने संशोधित डीपीआर, लागत और निविदा दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

4200 करोड़ के एक्सप्रेस-वे पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर हाल ही में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के कई वीडियो सामने आए, जिनमें उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही सड़क पर कई जगह गड्ढे और कुछ स्थानों पर सड़क धंसती दिखाई दी। बाद में पैचवर्क के बाद उसे पंखों से सुखाने के वीडियो भी सामने आए। 4200 करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे को लेकर उठे सवालों के बीच निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक फिर विवादों में आ गई है।

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भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका भी इसी कंपनी के पास 

मप्र रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने वर्ष 2023 में पीएनसी इंफ्राटेक को भोपाल वेस्टर्न बायपास का ठेका दिया था। उस समय परियोजना का प्रस्तावित लेआउट मंडीदीप क्षेत्र से जुड़ता था और इसकी लंबाई करीब 41 किलोमीटर बताई गई थी। बाद में परियोजना का एलाइनमेंट बदल दिया गया। अब प्रस्तावित मार्ग भोपाल के 11 मील क्षेत्र से शुरू होकर ग्राम फंदा में भोपाल-इंदौर मार्ग से जुड़ने की संभावना है।

लंबाई घटी, लेकिन लागत 200 करोड़ बढ़ी

एलाइनमेंट में बदलाव के बाद बायपास की लंबाई घटकर करीब 36 किलोमीटर रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि लंबाई कम होने के बावजूद परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपए बढ़ गई है। इसी बदलाव को लेकर नागरिक संगठनों और विशेषज्ञों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना के स्वरूप में इतना बड़ा बदलाव होने के बाद इसकी लागत और निर्माण व्यवस्था की दोबारा समीक्षा जरूरी थी।

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नया टेंडर नहीं होने पर उठे सवाल

परियोजना में बदलाव के बावजूद नया टेंडर जारी नहीं किए जाने पर नागरिक संगठनों और विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मार्ग की लंबाई और शुरुआती बिंदु में बड़े बदलाव के बाद परियोजना का पुनर्मूल्यांकन कर नई निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। हालांकि एमपीआरडीसी के सूत्रों का कहना है कि बदलाव तकनीकी जरूरतों और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखकर किए गए हैं। साथ ही सभी वैधानिक अनुमतियां नियमानुसार प्राप्त की गई हैं।

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कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

पीएनसी इंफ्राटेक पहले भी विवादों में रही है और अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपों के बाद कंपनी को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। हालांकि कंपनी ने समय-समय पर इन आरोपों से इनकार किया है। वहीं झांसी-खजुराहो फोरलेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जुड़े मामले में वर्ष 2020 से 2024 के दौरान सरकारी भूमि से अधिक मिट्टी और बिना अनुमति मौरंग खनन के आरोप सामने आए। जांच में 2.45 करोड़ घनमीटर से अधिक मिट्टी और मौरंग के खनन की बात सामने आई और छतरपुर जिला प्रशासन को 367 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का जिक्र किया गया। तत्कालीन डीएम संदीप जीआर ने कंपनी पर 104 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में अपील की गई है और मामले की सुनवाई जारी है। इसी बीच झांसी-खजुराहो रिश्वतकांड में सीबीआई ने भोपाल की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें एनएचएआई अधिकारी और पीएनसी इंफ्राटेक के एमडी सहित 10 लोग आरोपी हैं।

रोड बनाते समय जांच और निगरानी की जाएगी
इस संबंध में जानकारी लेकर परीक्षण किया जाएगा। कंपनी को यहां बायपास बनाने का काम पहले से दिया गया है। रोड बनाते समय इंजीनियरों द्वारा निरंतर जांच और निगरानी की जाएगी।
भरत यादव, एमडी, एमपी आरडीसी 
Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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