ड्रग्स जांच में नाना पटवारी से दूसरी बार लंबी पूछताछ:ड्रग्स पैडलरों से कराया आमना-सामना

इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े ड्रग्स प्रकरण की जांच लगातार गहराती जा रही है। राजेंद्र नगर पुलिस ने शनिवार को दूसरी बार नाना पटवारी को पूछताछ के लिए तलब किया। दोपहर में अपने अधिवक्ता जय हार्डिया के साथ थाने पहुंचे नाना से करीब पांच घंटे तक लगातार सवाल-जवाब किए गए। इस दौरान पुलिस ने न केवल ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े आरोपों पर पूछताछ की, बल्कि उन्हें गिरफ्तार ड्रग्स पैडलरों के आमने-सामने बैठाकर भी कई बिंदुओं पर जवाब मांगे। हालांकि नाना ने पैडलरों से परिचय होने की बात स्वीकार की, लेकिन ड्रग्स खरीदने, मंगवाने या सेवन करने के सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ शुरू होने से पहले ड्रग्स पैडलर संजय कौशल उर्फ रौनी भाई और इरफान उर्फ गोलू खान से अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों के बयानों के बाद उनका नाना पटवारी से आमना-सामना कराया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने नाना को ड्रग्स सप्लाई करने संबंधी बातें दोहराईं, जबकि नाना अपने बयान पर अडिग रहे और पूरे घटनाक्रम से खुद को असंबंधित बताते रहे। अधिकारियों ने कई बार दोनों पक्षों के बयानों का मिलान कर विरोधाभास दूर करने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ के दौरान किसी भी पक्ष ने अपना बयान नहीं बदला।
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मोबाइल की जांच में पुलिस को मिले नए संकेत
पूछताछ के दौरान पुलिस ने नाना पटवारी के मोबाइल फोन की भी पड़ताल की। अधिकारियों का दावा है कि थाने पहुंचने से पहले मोबाइल से कई चैट डिलीट कर दी गई थीं। हालांकि मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। शुरुआती जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अश्लील वेबसाइटों से जुड़ी सर्च हिस्ट्री सामने आने की बात कही जा रही है। अब मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण कराया जाएगा ताकि डिलीट किए गए डेटा और चैट को रिकवर किया जा सके। पुलिस का मानना है कि इससे जांच में कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ सकती हैं।
वीडियो बयान दिखाकर पूछे सवाल
जांच के दौरान पुलिस ने पलसीकर कॉलोनी निवासी एक युवती के वीडियो बयान का भी हवाला दिया। अधिकारियों ने नाना से युवती द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा। पुलिस के अनुसार, युवती ने अपने बयान में ड्रग्स सेवन और संपर्कों को लेकर कई दावे किए हैं। हालांकि नाना ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी तरह नकार दिया। पुलिस अब युवती के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य गवाहों के बयानों का आपस में मिलान कर रही है।
भूरु ने खोले ड्रग्स नेटवर्क के नए नाम
इधर, आजाद नगर क्षेत्र से गिरफ्तार भूरु उर्फ आरिफ से पूछताछ में ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार उसने एमडी और ब्राउन शुगर की सप्लाई करने वाले रेहान, वसीम और मुसा का नाम लिया है। भूरु ने यह भी दावा किया कि वह पहले नाना पटवारी की गाड़ी चला चुका है और कई बार उनके कहने पर ड्रग्स पैडलरों से मादक पदार्थ लाकर पहुंचाता था। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए तकनीकी साक्ष्य और अन्य आरोपियों के बयान जुटा रही है। तीनों संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं।
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बैंक खातों के लेन-देन भी जांच के घेरे में
पुलिस ने नाना पटवारी के तीन बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री भी खंगाली है। जांच में एक युवती और भूरु के साथ आर्थिक लेन-देन के रिकॉर्ड सामने आए हैं। पूछताछ में नाना ने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित युवती से शुभम वैली कॉलोनी में स्थित एक प्लॉट के सौदे के कारण संपर्क था और पैसों का लेन-देन उसी सिलसिले में हुआ था। लेकिन जांच अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कर हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
छह साल पुराने केस की फाइल भी खुली
राजेंद्र नगर पुलिस ने जांच के दौरान विजय नगर थाने में वर्ष 2020 में दर्ज ड्रग्स प्रकरण की केस डायरी भी दोबारा निकाली है। इस मामले में आरोपी सोहन उर्फ जोजो ने अपने बयान में दावा किया था कि नाना पटवारी के कहने पर अदनान नामक व्यक्ति से एमडी ड्रग्स लेकर रीजनल पार्क और भोपाल रोड स्थित एक वाटर पार्क के पास डिलीवरी की गई थी। उसके बयान में सुनील और राहुल नाम के व्यक्तियों का भी उल्लेख था। हालांकि पुलिस स्पष्ट कर रही है कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन वर्तमान जांच में पुराने रिकॉर्ड और बयानों का भी मिलान किया जा रहा है।
सिर्फ पूछताछ तक सीमित कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कॉल डिटेल, बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों में बार-बार नाम सामने आने के बावजूद नाना पटवारी के खिलाफ फिलहाल केवल पूछताछ की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, ड्रग्स सप्लाई के आरोप में भूरु को गिरफ्तार किया जा चुका है और रेहान, वसीम तथा मुसा की तलाश जारी है। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।












