ईरान की जमीन पर कदम रखा तो लौटना मुश्किल! अमेरिका को खुली धमकी

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच तेहरान से एक बार फिर सख्त बयान सामने आया है। ईरानी सेना के जमीनी बलों के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने कहा है कि अगर कोई अमेरिकी सैन्यकर्मी ईरान की सीमा में दाखिल होता है, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना अपनी सीमाओं पर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।
अमेरिकी सैनिकों को ईरान की सीधी चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी सेना ने वॉशिंगटन को बेहद सख्त संदेश दिया है। ईरानी सेना के जमीनी बलों के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने कहा है कि अगर कोई अमेरिकी सैन्यकर्मी ईरान की जमीन पर कदम रखता है, तो उसे वापस लौटना मुश्किल होगा।
जमीन पर उतरी अमेरिकी सेना तो जवाब तय
जहानशाही ने संभावित विदेशी सैन्य घुसपैठ को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जमीन पर किसी भी दुश्मन की मौजूदगी को स्वीकार नहीं करेगा। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका या कोई अन्य विदेशी सेना ईरान में प्रवेश करती है तो उसका जवाब तुरंत और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
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सीमाओं पर ईरानी सेना हाई अलर्ट
ईरानी कमांडर ने देश की सीमाओं पर सेना की तैयारियों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि जमीनी बल लगातार सीमा क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। संभावित खतरों को देखते हुए सैनिकों की तैनाती और निगरानी बढ़ाई गई है। जहानशाही ने दावा किया कि ईरान की सीमाओं की सुरक्षा मजबूत है और सेना किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
अमेरिका से सीधी बातचीत पर अभी ब्रेक
सैन्य बयान के बीच ईरान की ओर से कूटनीतिक रुख भी सामने आया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, इस समय अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत नहीं हो रही है।
पुराना समझौता बना बातचीत की बड़ी शर्त
अराघची के अनुसार, कुछ देश ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता दोबारा खोलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन तेहरान ने साफ किया है कि सीधे बातचीत शुरू करने से पहले वह पिछली घटनाओं और समझौतों से जुड़े विवादों का समाधान चाहता है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने पहले हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। इसी वजह से दोनों देशों के बीच भरोसे का संकट बना हुआ है।
होर्मुज पर ओमान के साथ बातचीत
इस पूरे विवाद के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बातचीत का अहम मुद्दा बना हुआ है। ईरान और ओमान इसके संचालन और जहाजों की आवाजाही से जुड़े इंतजामों पर चर्चा कर रहे हैं। ईरान के मुताबिक, इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और नए रास्ते तथा कानूनी व्यवस्था को लेकर सहमति बनाने की कोशिश जारी है। होर्मुज दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों में से एक है, इसलिए यहां की स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।











