सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी आई-कार्ड और वर्दी... पटना में जीजा-साले गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे और नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते थे। 9 सितंबर 2026 को समाज कल्याण विभाग परिसर में एक आरोपी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की नियुक्ति से जुड़े फर्जी बैनर और वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शन कर रहा था। संदिग्ध गतिविधियों के बाद विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी ने उसे पकड़कर पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उसके साले को भी गिरफ्तार कर लिया।
खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताया
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अजय कुमार शुक्ला बताया और खुद को कटिहार का रहने वाला बताया। उसने अपनी पहचान स्वास्थ्य विभाग, न्यू सचिवालय पटना के प्रशाखा पदाधिकारी के तौर पर बताई और इसके लिए फर्जी आई-कार्ड भी दिखाया। जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई अधिकारी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ही नहीं है, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
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जीजा-साले मिलकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा
मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद सचिवालय थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस की पूछताछ और जांच के दौरान गिरोह के एक अन्य सदस्य के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद अजय कुमार शुक्ला के साले राजा कुमार को गिरफ्तार किया गया। राजा कुमार की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है और पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
सचिवालय और पुलिस में नौकरी का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी सीधे-साधे युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। वे सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से संपर्क करते थे और सरकारी अधिकारी होने का दिखावा करते थे। फर्जी दस्तावेजों और वर्दी का इस्तेमाल कर युवाओं के बीच अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश की जाती थी, ताकि वे आरोपियों की बात पर भरोसा कर सकें।
वर्दी और फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, सचिवालय और पुलिस की 2 जोड़ी वर्दी, 2 फर्जी आई-कार्ड, नौकरी से संबंधित जाली बैनर और 2 फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं। पुलिस बरामद सामान की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों को ठगने के लिए किया गया।
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गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पटना पुलिस अब फर्जी नौकरी गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर इनका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।




















