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भोपाल: 70 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट जारी, असम तक फैला नेटवर्क; दो आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते से करीब 40 लोगों के नाम पर पासपोर्ट जारी होने का खुलासा हुआ है। एसटीएफ की जांच में फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का पता चला है, जो बांग्लादेश से भारत आए लोगों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय नागरिक के रूप में तैयार करता था। इसके बाद आधार, पैन और जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर भारतीय पासपोर्ट हासिल कराए जाते थे।
भोपाल: 70 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट जारी, असम तक फैला नेटवर्क; दो आरोपी गिरफ्तार
70 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट जारी

भोपाल। एसटीएफ को भोपाल और डबरा के पतों से अब तक 70 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी मिली है। जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम असम रवाना हुई है, जो गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मास्टरमाइंड रियाल चौधरी भी जेल में है। एसटीएफ अब इस नेटवर्क के दूसरे लोगों और विदेश यात्राओं से जुड़े कनेक्शन की जांच कर रही है।

अन्ना नगर के मठ के पते से 40 पासपोर्ट

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अन्ना नगर स्थित एक मठ के एक ही पते से करीब 40 लोगों के नाम पर पासपोर्ट जारी हुए हैं। ये पासपोर्ट 2021, 2022 और 2023 के दौरान जारी किए गए थे। इससे पहले डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते से करीब 30 लोगों के नाम पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई थी।

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भोपाल और डबरा से 70 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट हुए जारी 

डबरा के पते से करीब 30 और भोपाल के अन्ना नगर स्थित मठ के पते से करीब 40 पासपोर्ट जारी होने की जानकारी के बाद एसटीएफ की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब तक दोनों जगहों से 70 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम असम रवाना की गई है, जहां टीम गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

फर्जी दस्तावेजों से करते थे फर्जीवाड़ा 

एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह बांग्लादेश से भारत आए लोगों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद उनके नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पता और पहचान का रिकॉर्ड तैयार किया जाता था और फिर भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन कराया जाता था।

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दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड जेल में

मामले में एसटीएफ अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह का मास्टरमाइंड रियाल चौधरी भी जेल में है और उससे पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एसपी एसटीएफ राहुल लोढ़ा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और मामले में आगे कार्रवाई जारी है।

बौद्ध अनुयायी बताकर विदेश यात्राएं

जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले कुछ लोग खुद को बौद्ध अनुयायी बताकर विदेश यात्रा करते थे। एसटीएफ को इनके थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान जाने की जानकारी मिली है। अब जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि इन यात्राओं के पीछे सिर्फ फर्जी पहचान का इस्तेमाल था या फिर इसके पीछे गिरोह का कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी सक्रिय है।

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सत्यापन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

एक ही मठ या विहार के पते से दर्जनों पासपोर्ट जारी होने के बाद पुलिस और स्थानीय सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। एसटीएफ यह जांच कर रही है कि पासपोर्ट जारी होने से पहले हुए सत्यापन में इतनी बड़ी गड़बड़ी क्यों नहीं पकड़ी गई। सत्यापन प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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