बिहार के वैशाली में निर्माणाधीन पुल का ढांचा गिरा, 4 मजदूर घायल; लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान हादसा

बिहार के वैशाली जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे छह लेन के निर्माणाधीन पुल में गुरुवार को हादसा हो गया। लालगंज के जलालपुर इलाके में पुल निर्माण के दौरान ढांचा गिरने से मौके पर काम कर रहे 4 मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासन और परियोजना टीम की ओर से तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। घायल मजदूरों को बिना देरी किए इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार घटना लॉन्चर शिफ्टिंग की प्रक्रिया के दौरान हुई। इसी दौरान निर्माणाधीन ढांचे का एक हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के बावजूद पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का भी दोबारा जायजा लिया जा रहा है।
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चार मजदूर घायल, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में कार्यस्थल पर मौजूद 4 मजदूर घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ मजदूरों को चोटें अधिक आई हैं। घायलों में बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से आए श्रमिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण स्थल पर मौजूद टीम ने राहत कार्य शुरू किया और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रभावित श्रमिकों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
NH-139W पर बन रहा है 6 लेन का पुल
यह निर्माण कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग NH-139W पर कराया जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत यहां छह लेन के पुल का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में निर्माण के दौरान हुए हादसे के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
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सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा
NHAI की ओर से कहा गया है कि परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। घटना के बाद कार्यस्थल पर लागू सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। परियोजना टीम की ओर से घायल श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। हादसे के कारणों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान किस स्तर पर चूक हुई।




















