उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर, 32 साल पहले हुई थी शादी

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रहीं पत्नी पायल अब्दुल्ला ने अपने लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक विवाद को आपसी सहमति से समाप्त करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने सभी लंबित कानूनी मामलों को वापस लेने और सम्मानजनक तरीके से अलग होने की जानकारी दी।
उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक पर  सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर, 32 साल पहले हुई थी शादी
उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

करीब 17 साल से अलग रह रहे उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला अब कानूनी रूप से भी अलग होने जा रहे हैं। दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिका दाखिल की है। मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों ने सभी विवाद खत्म करने और एक-दूसरे के खिलाफ चल रहे मुकदमे वापस लेने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि समझौते के अनुसार जल्द ही उचित आदेश जारी किया जाएगा। 

सुप्रीम कोर्ट में समझौते की जानकारी दी गई

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला के बीच लंबे समय से चल रहा वैवाहिक विवाद अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से बताया गया कि वे आपसी सहमति से विवाह खत्म करना चाहते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी लंबित मामलों को भी वापस लेने पर सहमत हो चुके हैं। अदालत ने इस सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि समझौते की शर्तों के अनुसार अंतिम आदेश पारित किया जाएगा।

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अनुच्छेद 142 के तहत दाखिल की गई संयुक्त याचिका

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि दंपति ने अपने सभी मतभेद खत्म कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत 22 जुलाई को संयुक्त याचिका दाखिल की है, ताकि आपसी सहमति से विवाह समाप्त किया जा सके। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि समझौते के आधार पर ही मामले का अंतिम निस्तारण किया जाएगा।

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1994 में हुई थी शादी, 2009 से रह रहे थे अलग

बता दें कि उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों ने वर्ष 1994 में विवाह किया और इस रिश्ते से उनके दो बेटे जाहिर और जमीर हैं। हालांकि समय के साथ रिश्तों में दूरियां बढ़ती गईं और वर्ष 2009 से दोनों अलग रहने लगे। बाद में उमर अब्दुल्ला ने सार्वजनिक रूप से भी इस रिश्ते के खत्म होने की बात स्वीकार की थी।

फैमिली कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक चली कानूनी लड़ाई

वैवाहिक संबंध खत्म करने के लिए उमर अब्दुल्ला ने सबसे पहले फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की थी, लेकिन वर्ष 2016 में अदालत ने आरोपों को पर्याप्त आधार न मानते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, जहां दिसंबर 2023 में फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। साथ ही उमर अब्दुल्ला को पायल अब्दुल्ला के लिए मासिक भरण-पोषण और बेटे की पढ़ाई के लिए अलग से आर्थिक सहायता देने का निर्देश भी दिया गया।

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मध्यस्थता के बाद सम्मानजनक तरीके से खत्म हुआ विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता की प्रक्रिया अपनाने का सुझाव दिया। इसी प्रक्रिया के बाद दोनों ने सभी कानूनी विवादों को समाप्त करने और आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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