रीवा में CMO पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से आपत्तिजनक मांग का आरोप, जांच में शिकायत सही मिलने पर निलंबन की सिफारिश

रीवा। चाकघाट नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शंखधर पांडेय पर दैनिक वेतनभोगी महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने आपत्तिजनक मांग करने और विरोध करने पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से शिकायत कर कार्रवाई और नौकरी वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत के साथ एक कथित ऑडियो का भी जिक्र किया गया है, जिसमें महिला के अनुसार CMO की आपत्तिजनक बातचीत रिकॉर्ड है। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने मामले की प्राथमिक जांच एसडीएम से कराई। कलेक्टर के मुताबिक जांच में महिला के लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद CMO के निलंबन की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव रीवा संभाग के कमिश्नर को भेज दिया गया है। CMO स्तर के अधिकारी के निलंबन का अधिकार कमिश्नर के पास होने के कारण अंतिम कार्रवाई वहीं से होगी।
दो घंटे कमरे में साथ रहने की मांग का आरोप
महिला कंप्यूटर ऑपरेटर का आरोप है कि CMO ने उससे करीब दो घंटे कमरे में साथ रहने के लिए कहा था। शिकायत के मुताबिक उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस बारे में किसी को जानकारी नहीं होगी। महिला का कहना है कि उसने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई तथा नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। मामले से जुड़ी बातचीत का एक कथित ऑडियो भी सामने आने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इसी आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कंप्यूटर हटाने के दौरान गाली-गलौज का आरोप
शिकायत के अनुसार महिला 15 मार्च 2018 से नगर परिषद में काम कर रही थी। उसका आरोप है कि आपत्तिजनक मांग का विरोध करने के बाद उसके साथ लगातार प्रताड़ना का व्यवहार किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि 18 जून को नगर परिषद अध्यक्ष विभव कुमार जायसवाल और CMO की मौजूदगी में उसका कंप्यूटर हटाया गया। इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। महिला का दावा है कि इस घटनाक्रम से संबंधित साक्ष्य नगर परिषद के CCTV कैमरों में दर्ज हैं।
बैकडेट में सेवा समाप्त करने का आरोप
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसे हटाने के लिए बैकडेट में पत्र जारी किया गया। इसके बाद 24 जून से उसकी ऑनलाइन अटेंडेंस आईडी भी बंद कर दी गई। महिला के मुताबिक उसे करीब छह महीने का वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा लगभग ढाई साल की EPF राशि भी उसके खाते में जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में वर्ष 2023 की नियुक्तियों से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया गया है। महिला का आरोप है कि तत्कालीन CMO केएन सिंह पर चरित्र संबंधी झूठे आरोप लगाने के लिए भी उस पर दबाव बनाया गया था।
एसडीएम की जांच में आरोप सही पाए जाने का दावा
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम से प्राथमिक जांच कराई गई थी। उनके अनुसार, जांच में महिला के आरोप सही पाए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि CMO स्तर के अधिकारी के निलंबन का अधिकार संभागीय कमिश्नर के पास होता है। इसलिए नियमों के तहत निलंबन की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव रीवा संभाग कमिश्नर कार्यालय को भेज दिया गया है।
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महिला ने नौकरी बहाल करने और कार्रवाई की मांग की
पीड़िता ने प्रशासन से अपनी नौकरी वापस दिलाने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि अनुचित मांग का विरोध करने के बाद उसके साथ गाली-गलौज की गई, कंप्यूटर हटाकर सेवा समाप्त कर दी गई और वेतन तथा EPF की राशि भी रोक दी गई। अब मामले में कमिश्नर कार्यालय की ओर से निलंबन प्रस्ताव पर निर्णय और आगे की कार्रवाई पर नजर है।




















