NGT का आदेश-भोपाल में कलियासोत और भोज वेटलैंड क्षेत्र में 700 पेड़ काटे, अब लगाने होंगे 7000 पौधे

भोपाल। कलियासोत और भोज वेटलैंड क्षेत्र में पौधरोपण के लिए जमीन तैयार करने के नाम पर काटे गए करीब 700 पेड़ों के बदले अब 7000 पौधे लगाने होंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने मंगलवार को वन विभाग और सामाजिक वानिकी को पेड़ों की संख्या से 10 गुना पौधरोपण करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि लगाए गए पौधों का 100 प्रतिशत जीवित रहना सुनिश्चित करना होगा। एनजीटी ने पौधरोपण का काम 30 सितंबर तक पूरा करने और इसकी कार्रवाई रिपोर्ट फोटो के साथ पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।
जमीन तैयार करने के नाम पर काटे पेड़
मामला कलियासोत और भोज वेटलैंड क्षेत्र में पौधरोपण की तैयारी से जुड़ा है। आरोप है कि पौधरोपण के लिए जमीन तैयार करने के नाम पर करीब 700 पेड़ काट दिए गए। इतना ही नहीं, पेड़ों के बचे हुए हिस्सों को जेसीबी की मदद से जमीन से उखाड़ दिया गया। याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना की ओर से मंगलवार को एनजीटी को बताया गया कि 700 से ज्यादा पेड़ों की कटाई की गई है। इसके बदले पौधरोपण के लिए जरूरी राशि राजस्व विभाग में जमा कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक पौधरोपण नहीं किया गया।
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बजट मिला, फिर जमीन की कमी बताई
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस बारिश में पौधरोपण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने एनजीटी को बताया कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण पौधरोपण में देरी हुई। बजट मिलने के बाद तैयारी पूरी कर ली गई, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले पौधरोपण नहीं हो सका। एनजीटी ने पेड़ों की कटाई को गंभीरता से लेते हुए अब 700 पेड़ों के बदले 10 गुना यानी 7000 पौधे लगाने का निर्देश दिया है।
पौधे लगाने भर से काम पूरा नहीं होगा
ट्रिब्यूनल ने साफ किया है कि यह पौधरोपण प्रतिपूरक पौधरोपण के तौर पर किया जाए। साथ ही लगाए गए सभी पौधों का 100 प्रतिशत जीवित रहना सुनिश्चित करना होगा। यानी पौधे लगाने के बाद उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी विभागों की होगी।
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30 सितंबर तक काम, फोटो सहित रिपोर्ट
एनजीटी ने वन विभाग और सामाजिक वानिकी को 30 सितंबर तक पौधरोपण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पौधरोपण की फोटो सहित कार्रवाई रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश करनी होगी।




















