CG NEWS: नकटी बेदखली विवाद: सांसद बृजमोहन अग्रवाल का प्रशासन पर तीखा हमला, बोले- रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारी माफ करने लायक नहीं

RAIPUR NEWS रायपुर के माना स्थित नकटी गांव में हुई बेदखली कार्रवाई अब प्रशासनिक मुद्दे से बढ़कर राजनीतिक विवाद बन गई है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए रात के अंधेरे में घर तोड़े जाने की कार्रवाई को असंवेदनशील बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन अधिकारियों ने यह कदम उठाया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब ग्रामीण पहले से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
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सांसद का प्रशासन पर सीधा हमला
नकटी गांव में बेदखली कार्रवाई को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उनसे चर्चा और आश्वासन के बावजूद लोगों के घरों में तोड़फोड़ की गई, जो पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि रात के समय इस तरह की कार्रवाई किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
रात में कार्रवाई करने वाले माफ करने योग्य नहीं
सांसद ने कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों तक पहुंचकर बुलडोजर चलाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने इस प्रकार की कार्रवाई की है, उनके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
ग्रामीणों के समर्थन में दोहराया पुराना रुख
बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि नकटी गांव के लोगों का मामला बेहद संवेदनशील है और वे पहले भी कह चुके हैं कि ग्रामीणों को जबरन नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और लोगों का आशियाना भी सुरक्षित रहे।
आश्वासन के बाद बुलडोजर से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले सांसद ने स्वयं भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी भी परिवार का घर नहीं तोड़ा जाएगा। इसी भरोसे के बाद लोगों ने राहत की उम्मीद की थी, लेकिन सोमवार सुबह प्रशासन की कार्रवाई ने ग्रामीणों के गुस्से को और बढ़ा दिया।
क्या है पूरा विवाद?
माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए प्रशासन ने सोमवार सुबह लगभग 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई से पहले रविवार देर रात से ही इलाके में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे। सुबह जेसीबी पहुंचते ही ग्रामीण विरोध में उतर आए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की व हंगामे की स्थिति बन गई। इसके बाद प्रभावित परिवार धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध तेज हो गया।
अब राजनीतिक संग्राम
नकटी गांव का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष और स्थानीय संगठन भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और अधिक गर्माने की संभावना है।












