CG NEWS: MBBS Counselling 2026 में बड़ा बदलाव: पहले सीट अलॉटमेंट, फिर होगी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन,छात्रों की बढ़ी चिंता

RAIPUR NEWS i छत्तीसगढ़ में NEET UG 2026 के जरिए MBBS और BDS में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया इस बार भी पुराने विवादित नियम के तहत होगी। मेडिकल सीटों का आवंटन पहले किया जाएगा, जबकि दस्तावेजों की जांच एडमिशन से ठीक पहले होगी। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कोई भी त्रुटि मिलेगी, उनका आवंटन तत्काल निरस्त किया जा सकता है।
सीट अलॉटमेंट से पहले नहीं होगी दस्तावेजों की जांच
छत्तीसगढ़ में MBBS और BDS प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग जल्द शुरू होने की तैयारी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग इस बार भी वही प्रक्रिया अपनाएगा, जिसमें पहले छात्रों को सीट आवंटित होगी और उसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। नियम में बदलाव नहीं होने से एक बार फिर छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
NEET UG Result के बाद शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया
NEET UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की गई थी। अब इस माह के अंत तक परिणाम जारी होने की संभावना है। परिणाम आने के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर से राज्य स्तरीय ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू हो सकती है।
दावा-आपत्ति का मौका भी नहीं मिलेगा
पिछले पांच वर्षों की तरह इस बार भी आवंटन सूची पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था नहीं रहेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग सीधे अंतिम चयन सूची जारी करेगा। पहले अनंतिम सूची जारी कर आपत्तियां मंगाई जाती थीं और जांच के बाद अंतिम सूची प्रकाशित होती थी।
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गलत दस्तावेज होने पर रद्द होगी सीट
विशेषज्ञों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच सीट आवंटन के बाद होने से कई छात्रों की सीटें अंतिम समय में निरस्त हो सकती हैं। इससे रिक्त सीटों को भरने की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
छत्तीसगढ़ में MBBS की 2330 सीटों पर होगा प्रवेश
प्रदेश के 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2330 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इस वर्ष 45 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने री-नीट परीक्षा दी है। परीक्षा में हुई देरी का असर नए शैक्षणिक सत्र पर भी पड़ने की संभावना है।
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ऑनलाइन परीक्षा पर फिर शुरू हुई बहस
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि NEET UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक या नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। हालांकि फिलहाल परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में ही आयोजित की जा रही है।












