हरसूद के शिवालयों में जलाभिषेक और पूजा अर्चना के लिए उमड़ा जनसैलाब

हरसूद। सावन माह में हरसूद नगर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है। चारों ओर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। सोमवार को नगर के प्राचीन सरस्वती कुंड शिवालय, जबरेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में लगकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना करते नजर आए। मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए साबूदाने की खिचड़ी, फल और फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
13वीं बार निकली महाकाल ग्रुप की कांवड़ यात्रा

पुनर्वास स्थल नया हरसूद के सेक्टर नंबर-7 स्थित शिव मंदिर से चारखेड़ा स्थित देवझिरी तक महाकाल ग्रुप के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा भैरव चौक, घोसी मोहल्ला, भगवान परशुराम चौक, स्वामी विवेकानंद चौराहा, बाजार क्षेत्र और महाराणा प्रताप चौक होते हुए देवझिरी पहुंची। सदस्य रितेश यादव ने बताया कि महाकाल ग्रुप की यह 13वीं कांवड़ यात्रा थी। कांवड़ियों ने देवझिरी के प्राकृतिक कुंडों से जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
भजनों और जयकारों से गूंजा पूरा नगर

कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के भजनों पर जमकर झूमे। यात्रा में ‘हर हर शंभू’, ‘भोले गिरजापति’, ‘नगर भ्रमण पर निकले उज्जैन के महाराजा’, ‘आई सवारी महाकाल की’ और ‘शिव बोल भंडारी’ जैसे भजनों की गूंज सुनाई दी। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। यात्रा के मार्ग में लोगों ने उत्साह के साथ सहभागिता की और कांवड़ियों का स्वागत किया।

बारिश के लिए महिलाओं ने की रामसत्ता
सावन में पर्याप्त बारिश नहीं होने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अच्छी बारिश की कामना को लेकर सोमवार को रेलवे स्टेशन छनेरा के समीप स्थित नौ चंडी देवी मंदिर में महिलाओं ने रामसत्ता का आयोजन किया। महिलाओं ने भगवान शिव की आराधना करते हुए इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए भजन-कीर्तन किए और क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की। आयोजन में भारती, प्रेम साहू, निधि ठाकुर, सुनीता यादव, सुमन सरोज, भावना कुशवाहा, सरोज रेड्डी, पुष्पा नागराज, राधा यादव, सुनीता यादव (यादव आंटी), रामकोर बाई, सुशीला पाल, अंनार बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।












