नैनीताल में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही, नदी में बह गए चिता पर रखे शव

गौला नदी का पानी चिता पर रखे शवों और कई चिताओं को अपने साथ बहा ले गया। लगातार बारिश और भूस्खलन से नैनीताल को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। पहाड़ी जिलों में करीब 141 सड़कें बंद हैं, जबकि कई नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और जरूरी होने पर ही सुरक्षित मार्ग से यात्रा करने की अपील की है।
गौला नदी के तेज बहाव में बह गए शव
हल्द्वानी के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाई गई डेड बॉडीज गौला नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गईं। चिता पर रखे शवों के साथ ही कई चिताओं को गौला नदी का उफनता पानी अपने साथ बहा ले गया। लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत का माहौल है।
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नैनीताल का सड़क संपर्क लगभग पूरी तरह कटा
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल का देश और दुनिया से सड़क संपर्क लगभग पूरी तरह कट गया है। नैनीताल को हल्द्वानी और कालाढूंगी से जोड़ने वाले दोनों मुख्य मार्ग लैंडस्लाइड के मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे लोगों और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
मलबे की चपेट में आईं दो कारें
हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर पहाड़ों से गिरे मलबे और बोल्डर की चपेट में दो कारें आ गईं। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन राहगीरों में डर का माहौल है। लगातार दरकती चट्टानों के कारण सड़क मार्गों पर खतरा बना हुआ है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
141 सड़कें बंद, नदियां उफान पर
पहाड़ों पर लगातार दरकती चट्टानों के कारण पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिलों को जोड़ने वाली करीब 141 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और ग्रामीण लिंक मार्ग शामिल हैं। पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण नदियां और नाले खतरे के निशान के पास बह रहे हैं। अल्मोड़ा से होकर गरमपानी, खैरना, बेतालघाट और रामनगर की ओर बहने वाली कोसी नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है।
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कैंची धाम के पास शिप्रा नदी भी उफान पर
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के पास बहने वाली शिप्रा नदी भी पूरे उफान पर है और उसके जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जगह-जगह झरने फूटने और नदी-नालों के विकराल रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही सुरक्षित मार्गों का उपयोग करते हुए यात्रा करें।




















