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छिंदवाड़ा के जंगलों में गजराज की तलाश तेज, ड्रोन भी नहीं कर पाया ट्रेस; किसान पर हमले के बाद बढ़ी चिंता

छिंदवाड़ा के परासिया जंगलों में चार दिनों से जंगली हाथी की तलाश जारी है। वन विभाग ने ग्राउंड टीम और ड्रोन से सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन हाथी अब तक कैमरे में कैद नहीं हुआ।
छिंदवाड़ा के जंगलों में गजराज की तलाश तेज, ड्रोन भी नहीं कर पाया ट्रेस; किसान पर हमले के बाद बढ़ी चिंता
छिंदवाड़ा के जंगलों में गजराज की तलाश तेज

कान्हा के जंगलों से भटककर छिंदवाड़ा जिले की सीमा में पहुंचे एक जंगली हाथी को लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से हाथी की मौजूदगी को लेकर विभाग लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है। रविवार को अमरवाड़ा रेंज के चिखली-चनेरी क्षेत्र से निकलने के बाद हाथी के परासिया रेंज में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हाथी की मौजूदगी की पुष्टि के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में अब तक उसकी तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है। वन विभाग के अनुसार हाथी की ताजा लोकेशन परासिया रेंज के तिरोड़ा, जोबनाला, मथनी, पगारा और अनखावाड़ी के जंगलों में ट्रेस की जा रही है। रात के समय हाथी का मूवमेंट बढ़ने की आशंका को देखते हुए आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

तीन ग्राउंड टीम और ड्रोन से तलाश

हाथी की निगरानी के लिए वन विभाग ने तीन विशेष ग्राउंड टीमों को तैनात किया है। इसके साथ ही ड्रोन की मदद से भी जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। विभाग के मुताबिक ड्रोन से भी हाथी को ट्रेस करने का प्रयास किया गया लेकिन अभी तक कैमरे में उसकी स्पष्ट तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है। वन विभाग की टीमें जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों और चरवाहों को भी सतर्क किया जा रहा है।

सीमावर्ती गांवों में हाई अलर्ट

हाथी के संभावित मूवमेंट को देखते हुए हिरीं, सोनपुर, खिरेटी, नागरी सहित परासिया और छिंदी रेंज से लगे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परासिया रेंजर हिमांशु विश्वकर्मा के मुताबिक ग्रामीणों के बीच मुनादी कराकर उन्हें जंगल में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। वहीं छिंदी रेंजर गयाप्रसाद त्रिपाठी के अनुसार वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों को हाथी से दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

एक दिन पहले किसान पर हमले की जानकारी

हाथी की तलाश इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि रविवार को चिखली-चनेरी क्षेत्र में खेत में काम कर रहे किसान सुरेश कुमरे पर हाथी के हमले की जानकारी सामने आई थी। हमले में किसान घायल हुआ था। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी।

26 अगस्त से शुरू हुई हाथी की तलाश

वन विभाग के मुताबिक इस पूरे मामले की शुरुआत 26 अगस्त को हुई, जब सिवनी वन विभाग की ओर से छिंदवाड़ा वनवृत्त को हाथी के सीमा क्षेत्र में प्रवेश करने की सूचना दी गई। इसके बाद प्रभारी सीसीएफ मधु वी. राज ने डीएफओ को पत्र जारी कर आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए और ग्रामीण इलाकों में मुनादी कराई गई। इसके बाद से वन विभाग की टीमें संभावित इलाकों में लगातार हाथी की तलाश कर रही हैं।

सबसे बड़ा सवाल- आखिर हाथी है कहां?

लगातार सर्च ऑपरेशन के बावजूद हाथी की स्पष्ट तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आने से अब उसकी लोकेशन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। विभाग की ओर से हाथी के संभावित मूवमेंट को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है लेकिन अभी तक वह कैमरे या ड्रोन की नजर में नहीं आया है। ऐसे में वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती हाथी की सटीक लोकेशन पता करना है। हाथी की मौजूदगी को लेकर सामने आ रहे पगमार्क और अन्य संकेतों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन संकेतों के आधार पर हाथी की वास्तविक स्थिति को लेकर अंतिम पुष्टि विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और हाथी को देखने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। विशेष रूप से रात के समय जंगल और सुनसान इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी ग्रामीण को हाथी दिखाई देता है तो वह तत्काल वन विभाग को सूचना दे। हाथी के आसपास भीड़ लगाने या उसे परेशान करने से बचने की अपील की गई है। फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथी की तलाश में जुटी हैं। आने वाले दिनों में उसकी वास्तविक लोकेशन और मूवमेंट को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

Shyam Sahu
By Shyam Sahu

छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार हैं। 25 वर्षों का अनुभव अपने क्षेत्र में शासन प्रशासन की खबरें पाठकों त...Read More

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