सिवनी मालवा: लोगों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, बानापुरा रेलवे स्टेशन पर रेल ठहराव की मांग

सिवनी। बानापुरा रेलवे स्टेशन पर करीब 35 वर्षों से किसी नई ट्रेन का ठहराव नहीं होने की बात कही गई है। स्टेशन अमृत भारत योजना में शामिल है, लेकिन यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की मांग लगातार उठ रही है। वर्तमान 18 डिब्बों के प्लेटफार्म को लंबा करने और लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है। गुड्स रेक से रेलवे को होने वाली करोड़ों रुपये की आय के बावजूद शहर में भारी वाहनों के दबाव को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन, मौन धरना, पैदल मार्च, मशाल-कैंडल मार्च, नगर बंद और रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
35 वर्षों से बानापुरा में नहीं रुकी कोई नई ट्रेन
नगर पालिका अध्यक्ष नितेश जैन ने कहा कि बानापुरा रेलवे स्टेशन पर लगभग 35 वर्षों से किसी नई ट्रेन का ठहराव नहीं हुआ है। करीब 40 वर्ष पूर्व पंजाब मेल और लगभग 35 वर्ष पूर्व झेलम एक्सप्रेस का ठहराव यहां हुआ था, इसके बाद आज तक किसी नई ट्रेन को बानापुरा में ठहराव नहीं दिया गया। सिवनी मालवा-बानापुरा क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर क्षेत्रीय सांसद, विधायक, मंडल रेल प्रबंधक और महाप्रबंधक सहित रेलवे अधिकारियों के सामने ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी जाती रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब पत्रकार संघ ने जनता और जनप्रतिनिधियों के व्यापक समर्थन के साथ इस मांग को निर्णायक तरीके से उठाने का निर्णय लिया है। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष नितेश जैन, पार्षद, अधिवक्ता, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, पेंशनर संघ, भारतीय किसान संघ, युवा, ऑटो चालक, भाजपा एवं कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और नेता, जामा मस्जिद सदर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों नागरिक शामिल हुए।
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प्लेटफार्म विस्तार और स्टेशन की सुविधाएं सुधारने की मांग
ज्ञापन में बानापुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। बताया गया कि वर्तमान में प्लेटफार्म की लंबाई लगभग 18 डिब्बों के अनुरूप है, जबकि कई ट्रेनें 22 से 24 डिब्बों की आ रही हैं। ऐसे में ट्रेन के पांच से छह डिब्बे प्लेटफार्म से बाहर रह जाते हैं और यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी होती है। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग यात्री सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाकर उसे लंबी दूरी की ट्रेनों के अनुरूप करने की मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि अगर स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, लेकिन यहां पर्याप्त ट्रेनों का ठहराव नहीं है, तो विकास का वास्तविक लाभ क्षेत्र की जनता तक नहीं पहुंच पाएगा।
150 गुड्स रेक से रेलवे को करोड़ों की आय
ज्ञापन में बानापुरा स्टेशन पर माल परिवहन से रेलवे को होने वाली आय का मुद्दा भी उठाया गया। नागरिकों ने बताया कि गुड्स रेक प्वाइंट के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 150 रेक यहां लोड होते हैं और इससे रेलवे को सालाना करीब 60 से 70 करोड़ रुपये की आय होने का दावा किया गया है। मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण वर्ष में लगभग 300 दिन क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसके चलते शहर में धूल, यातायात दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए गुड्स रेक प्वाइंट को शहर से हटाने अथवा ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है, जिससे शहर के यातायात और नागरिकों को राहत मिल सके। ज्ञापन में भुसावल-नागपुर दादा धाम इंटरसिटी को पुनः शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। नागरिकों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान यह ट्रेन बंद कर दी गई थी और
इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग
बानापुरा स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस, लखनऊ-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, गोवा एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा, बनारस-हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों की मांग भी की गई है। ज्ञापनकर्ताओं के अनुसार इन ट्रेनों के बानापुरा में ठहराव से क्षेत्र के व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों, कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही सिवनी मालवा-बानापुरा क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इस मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने रेलवे प्रशासन से गंभीरता से विचार करने की अपील की है। वर्तमान में बानापुरा स्टेशन पर रुकने वाली कुछ ट्रेनों के समय को लेकर भी रेलवे का ध्यान आकर्षित किया गया।
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मांगें नहीं मानी तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से रेलवे प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की मांग की गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि अगर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो पत्रकार संघ और नागरिकों द्वारा चरणबद्ध संवैधानिक आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के प्रथम चरण में क्षेत्रीय सांसद, विधायक, महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री से मुलाकात, चर्चा और ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद हस्ताक्षर अभियान और पोस्टकार्ड अभियान चलाया जाएगा और 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन धरना आयोजित करने की योजना है। इसके बाद युवा और छात्रों के साथ काली पट्टी बांधकर सिवनी मालवा से बानापुरा तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद हनुमान मंदिर से जयस्तंभ चौक तक मशाल एवं कैंडल मार्च, नगर बंद और अंततः रेल रोको जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाने की चेतावनी दी गई है।




















