भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के दौरान पहली बार टकराव: करोंद में कारोबारियों ने निगम टीम को घेरा, नारेबाजी के बाद लौटना पड़ा

रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के दूसरे दिन मंगलवार को पहली बार टीम को कारोबारियों के सीधे विरोध का सामना करना पड़ा। करोंद क्षेत्र में कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम को सैकड़ों कारोबारियों ने घेर लिया। इस दौरान व्यापारियों ने ‘नगर निगम वापस जाओ’ के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए निगम की टीम कार्रवाई बीच में रोककर वापस लौट गई।
करोंद में सैकड़ों कारोबारियों ने किया विरोध
नगर निगम की टीम मंगलवार को रहवासी क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के लिए करोंद पहुंची थी। टीम के पहुंचते ही बड़ी संख्या में कारोबारी मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और कारोबारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। व्यापारियों ने निगम टीम को घेरकर नारेबाजी की। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई और टीम वापस लौट गई। नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने के बाद विरोध और प्रदर्शन के मामले पहले भी सामने आए थे लेकिन कार्रवाई के दौरान टीम के घेराव के बाद वापस लौटने की यह पहली घटना बताई जा रही है।
गांधी नगर में भी विरोध, बाकी इलाकों में कार्रवाई
करोंद के अलावा गांधी नगर में भी नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में अभियान जारी रहा। निगम की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। नगर निगम के अनुसार, मंगलवार को 61 प्रतिष्ठानों के पंचनामा बनाए गए और उन्हें बंद कराया गया। कई कारोबारियों ने कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान स्वयं बंद कर दिए।
अब तक 8264 नोटिस जारी
नगर निगम ने रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर अब तक 8264 नोटिस जारी किए हैं। इनमें करीब 130 प्रतिष्ठानों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी दिया जा चुका है। नगर निगम के मुताबिक 6 सितंबर तक अधिकांश नोटिस की 10 दिन की निर्धारित अवधि पूरी हो जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। तय समय के बाद भी व्यावसायिक गतिविधियां जारी मिलने पर प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा।
दो दिन में 170 प्रतिष्ठान बंद
नगर निगम के मुताबिक, सोमवार से शुरू हुए अभियान के दो दिनों में अब तक कुल 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। इनमें सोमवार को 102 प्रतिष्ठान कारोबारियों ने स्वयं बंद किए थे, जबकि 7 प्रतिष्ठानों को निगम की टीम ने सील किया था। मंगलवार को कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, करोंद, सुभाष नगर, न्यू एमपी-एमएलए क्वार्टर, इकबाल मैदान, बागमुगालिया, सीटीओ बैरागढ़ और हलालपुरा समेत कई इलाकों में कार्रवाई की गई।
150 निगम कर्मचारी और 200 पुलिसकर्मी तैनात
सीलिंग अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए नगर निगम ने करीब 150 कर्मचारियों का अमला मैदान में उतारा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई कर रही हैं।
24 घंटे के नोटिस के बाद होगी सीलिंग
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों को अंतिम 24 घंटे का नोटिस दिया गया है, वहां निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी यदि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिलीं तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह आने वाले दिनों में सीलिंग अभियान का दायरा और बढ़ सकता है। निगम की टीमें शहर की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रखेंगी।
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मंगलवार को इन इलाकों में हुई कार्रवाई
उत्तर विधानसभा: कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी और कबाड़खाना
नरेला विधानसभा: करोंद और सुभाष नगर
दक्षिण-पश्चिम विधानसभा: न्यू एमपी-एमएलए कॉलोन
मध्य विधानसभा: जहांगीराबाद और कर्बला रोड
गोविंदपुरा विधानसभा: बागमुगालिया, अमराई, सहयोग विहार, रघुनाथ नगर, रोहित नगर और ज्योति नगर
हुजूर विधानसभा: चंचल नगर, सीहोर नाका, गांधी नगर और सीटीओ




















