'जल्द ही आतंकियों के हाथों मारे जाओगे', चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी

चिराग पासवान को भेजे गए पत्र में अंग्रेजी में आतंकवादियों के जरिए जल्द हत्या करने की धमकी दी गई है। उनके कार्यालय ने गृह मंत्रालय को मामले की जानकारी देते हुए सुरक्षा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। जांच एजेंसियां पत्र के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं, जबकि धमकी के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है।
डाक से भेजे गए पत्र में दी गई धमकी
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को यह धमकी डाक के जरिए भेजी गई चिट्ठी में दी गई है। पत्र मिलने के बाद उनके कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी है। कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को भेजे गए पत्र में धमकी की पूरी जानकारी देते हुए चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने और जरूरी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पत्र में अंग्रेजी में लिखी गई हत्या की धमकी
जानकारी के मुताबिक, चिराग पासवान को भेजे गए धमकी भरे पत्र में अंग्रेजी में लिखा है,'You will be killed shortly by hardcore Terrorists'। इसका मतलब है कि कट्टर आतंकवादियों द्वारा जल्द ही उनकी हत्या कर दी जाएगी। पत्र में इस तरह की धमकी सामने आने के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और संबंधित एजेंसियां मामले को गंभीरता से देख रही हैं।
पत्र कहां से आया, भेजने वाले की तलाश
धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इसकी तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्र कहां से भेजा गया और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में पत्र के स्रोत के साथ-साथ धमकी देने वाले व्यक्ति के बारे में सुराग तलाशे जा रहे हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि चिराग पासवान को धमकी देने के पीछे कौन है और इसका मकसद क्या था।
चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी
बता दें कि चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री होने के साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। उनके कार्यालय ने गृह सचिव को पत्र भेजकर मामले में जरूरी कदम उठाने की मांग की है। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा में हैं चिराग
चिराग पासवान पिछले कुछ समय से आरक्षण के मुद्दे को लेकर भी चर्चा में हैं। आरक्षण में उप-वर्गीकरण और क्रीमी लेयर के मुद्दे पर चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच मतभेद सामने आए थे। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे से इस्तीफे की मांग तक की गई थी। चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी और बिहार सरकार में मंत्री उनके बेटे संतोष कुमार सुमन के इस्तीफे की मांग की थी।
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क्रीमी लेयर पर चिराग ने मांझी से मांगा था इस्तीफा
चिराग पासवान का कहना था कि अगर जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन अनुसूचित जाति आरक्षण के भीतर क्रीमी लेयर लागू करने या उप-वर्गीकरण के पक्ष में हैं, तो उन्हें नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। चिराग का तर्क था कि आरक्षण का लाभ ले चुके होने के कारण उन्हें सबसे पहले केंद्रीय मंत्री और मंत्री पद छोड़ना चाहिए।




















