यूपी विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM को बड़ा झटका! कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं आसिम वकार

आसिम वकार करीब 10 साल से AIMIM में सक्रिय हैं और यूपी की राजनीति में पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। यूपी इकाई के कुछ फैसलों को लेकर उनकी नाराजगी बढ़ी थी। अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी की कोशिशों के बाद वकार कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
10 साल से AIMIM में सक्रिय है आसिम वकार
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में आसिम वकार लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। करीब 10 साल तक पार्टी के साथ रहने के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में AIMIM की राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के कारण वह यूपी की सियासत में पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए हैं। अब चुनाव से कुछ महीने पहले उनके पार्टी छोड़ने की खबर को AIMIM के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पार्टी से नाराजगी की वजह अभी साफ नहीं
बताया जा रहा है कि आसिम वकार पिछले कुछ समय से AIMIM से नाराज चल रहे थे। यूपी इकाई के कुछ फैसलों को लेकर उनकी नाराजगी और बढ़ गई थी। हालांकि, वकार ने अभी इस मामले में खुलकर कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए उनकी नाराजगी की असल वजह क्या है, इसे लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
2 सितंबर को कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा
जानकारी के मुताबिक आसिम वकार बुधवार, 2 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने उन्हें कांग्रेस में लाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। वकार के कांग्रेस में जाने की स्थिति में यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस को एक ऐसा नेता मिल सकता है, जो AIMIM की राजनीति और मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी की रणनीति को अच्छी तरह समझता है।
पहले 20 साल सपा में कर चुके हैं राजनीति
आसिम वकार का राजनीतिक सफर AIMIM से पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा है। उन्होंने करीब 20 साल तक सपा में राजनीति की थी और इसके बाद AIMIM में शामिल हुए थे। अब AIMIM से नाराजगी के बीच उनके फिर से सपा में लौटने की चर्चा नहीं है, बल्कि वह कांग्रेस का रुख कर रहे हैं। ऐसे में उनका राजनीतिक दल बदलना यूपी की विपक्षी राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
2022 में AIMIM को नहीं मिली थी एक भी सीट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में AIMIM ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। शुरुआत में AIMIM, ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन का हिस्सा थी और सीट बंटवारे में करीब 100 सीटों पर बात हुई थी। हालांकि, बाद में सुभासपा ने समाजवादी पार्टी के साथ जाने का फैसला किया और इसके बाद AIMIM ने अकेले चुनाव मैदान में उतरकर 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
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2027 में मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी का फोकस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अगले साल जनवरी या फरवरी में प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए असदुद्दीन ओवैसी का मुख्य फोकस मुस्लिम बहुल विधानसभा सीटों पर बताया जा रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार का पार्टी से अलग होना AIMIM की चुनावी रणनीति के लिए चुनौती माना जा रहा है।




















