1 अक्टूबर से एंट्री महंगी! मुंबई में एंट्री अब महंगी, 5 टोल नाकों पर बढ़े नए रेट

मुंबई। मुंबई में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहन चालकों के लिए 1 अक्टूबर से टोल की नई दरें लागू हो गई हैं। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने शहर के पांच एंट्री पॉइंट्स पर टोल शुल्क में बढ़ोतरी की है। नई दरों के तहत अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए 15 से 35 रुपये तक अधिक भुगतान करना होगा। यह बदलाव मिनी बस, हल्के कमर्शियल वाहन, ट्रक, बस और भारी वाहनों पर लागू है। वहीं निजी कारों समेत कुछ हल्के वाहनों को पहले से मिली टोल छूट जारी रहेगी।
अब इतना देना होगा टोल
नई व्यवस्था में मिनी बस और लाइट कमर्शियल व्हीकल के लिए टोल 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये हो गया है। ट्रक और बस के लिए शुल्क 150 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये किया गया है। भारी मोटर वाहनों का टोल 190 रुपये से बढ़कर 225 रुपये हो गया है। यानी वाहन की श्रेणी के आधार पर 15, 30 या 35 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। ये शुल्क प्रति ट्रिप के आधार पर लागू हैं।
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इन पांच रास्तों पर लागू हुए नए रेट
टोल की नई दरें मुंबई के वाशी, ऐरोली, मुलुंड, एलबीएस मार्ग और दहिसर एंट्री पॉइंट्स पर लागू हुई हैं। वाशी टोल नाका सायन-पनवेल हाईवे पर है, जबकि मुलुंड में एलबीएस रोड और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे वाले पॉइंट शामिल हैं। ऐरोली ब्रिज और दहिसर भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं। अटल सेतु का टोल अलग व्यवस्था के तहत लिया जाता है।
कार वालों को फिलहाल राहत
इस बढ़ोतरी का असर निजी कार और एसयूवी चालकों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि मुंबई के इन एंट्री पॉइंट्स पर उन्हें टोल से छूट मिली हुई है। सार्वजनिक परिवहन बसों, ऑटो और टैक्सी समेत कुछ अन्य श्रेणियों पर भी मौजूदा छूट जारी है। स्कूल बस और राज्य परिवहन की बसों को भी पहले से मिली राहत बरकरार है।
तीन साल बाद बदली गई दरें
मुंबई के इन पांच प्रवेश मार्गों पर टोल वसूली सितंबर 2002 में शुरू हुई थी। दरों में पिछला संशोधन अक्टूबर 2023 में हुआ था। समझौते के तहत टोल दरों की समीक्षा तीन साल के अंतराल पर की जाती है। MSRDC के दस्तावेज में भी 2023 से लागू पिछली दरें दर्ज हैं।
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टोल बढ़ने से क्या बदलेगा?
कमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ा शुल्क परिवहन लागत को प्रभावित कर सकता है। कारोबारियों और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने आशंका जताई है कि अतिरिक्त खर्च का असर माल ढुलाई के किराये पर पड़ सकता है। इसका वास्तविक असर अलग-अलग कारोबार और वाहन के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। टोल संग्रह की व्यवस्था को सितंबर 2029 तक बढ़ाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।




















