PU Special :ओला-उबर-रैपिडो पर नए नियम, 5 साल का लाइसेंस; ड्राइवर 12 घंटे ही कर सकेंगे लॉग-इन

विजय एस. गौर, भोपाल। मध्यप्रदेश मोटर व्हीकल एग्रीगेटर पॉलिसी-2025 के मसौदे में एग्रीगेटर कंपनियों के लिए दो के बजाय पांच साल का लाइसेंस अनिवार्य करने का प्रावधान है। ड्राइवर 24 घंटे में अधिकतम 12 घंटे ही ऐप पर लॉग-इन रह सकेंगे, जबकि एडवांस टिप का विकल्प राइड पूरी होने के बाद ही दिखाई देगा। डायनेमिक प्राइसिंग, कैंसिलेशन फीस, महिला ड्राइवर का विकल्प, पैनिक बटन, बीमा और ड्राइवर की कमाई से जुड़े नियम भी मसौदे में शामिल हैं।
पांच साल का लाइसेंस और सिक्योरिटी डिपॉजिट
मसौदे के अनुसार एग्रीगेटर कंपनियों पर नियमों के जरिए नियंत्रण बढ़ाया जाएगा और अब दो के बजाय पांच साल का लाइसेंस अनिवार्य होगा। इसके लिए वाहनों की संख्या के आधार पर 5 से 10 लाख रुपए की सिक्योरिटी डिपॉजिट का प्रावधान होगा। यह मसौदा केंद्र सरकार की नई 'मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन-2025' के आधार पर तैयार किया गया है।
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ड्राइवर 12 घंटे ही कर सकेंगे ऐप पर लॉग-इन
ड्राइवर 24 घंटे में अधिकतम 12 घंटे ही ऐप पर लॉग-इन रह सकेंगे। इसके बाद उन्हें 10 घंटे का आराम लेना होगा। वहीं, ड्राइवरों के हितों को ध्यान में रखते हुए किराए का 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवर को और 20 प्रतिशत एग्रीगेटर कंपनी को कमीशन के रूप में देने का प्रावधान रखा गया है।
एडवांस टिप और कैंसिलेशन फीस पर नियम
बुकिंग के समय या राइड शुरू होने से पहले ऐप पर एडवांस टिप का विकल्प नहीं दिखाया जा सकेगा। एडवांस टिप का विकल्प राइड पूरी होने के बाद ही दिखाई देगा, ताकि टिप नहीं देने पर राइड अस्वीकार करने की स्थिति न बने। यात्री या ड्राइवर द्वारा राइड कैंसिल करने पर कुल किराए का अधिकतम 10 प्रतिशत या 100 रुपए ही कैंसिलेशन शुल्क लिया जा सकेगा।
किराया दो गुना तक, महिला ड्राइवर का विकल्प
डायनेमिक प्राइसिंग के तहत कंपनियां पीक आवर्स में मूल किराए से अधिकतम दो गुना किराया ले सकेंगी, जबकि मांग कम होने पर किराया मूल किराए के 50 प्रतिशत से कम नहीं होगा। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपलब्धता के आधार पर महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा। सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और इमरजेंसी पैनिक बटन अनिवार्य होगा, जो 24 घंटे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा।
बीमा से लेकर निजी बाइक को टैक्सी बनाने का प्रावधान
ड्राइवरों का 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का टर्म/दुर्घटना बीमा अनिवार्य रहेगा। राज्य सरकार की अनुमति से गैर-वाणिज्यिक यानी निजी मोटरसाइकिलों का उपयोग भी बाइक टैक्सी के रूप में किया जा सकेगा। इसके साथ ही प्रदेश की नई ईवी नीति-2025 के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का प्रावधान भी मसौदे में शामिल किया गया है।
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एग्रीगेटर कंपनियों और ड्राइवर संगठनों से मांगे सुझाव
मध्यप्रदेश में नई एग्रीगेटर पॉलिसी का मसौदा तैयार कर एग्रीगेटर कंपनियों के साथ-साथ टैक्सी ड्राइवरों के संगठनों को भी दिया गया है। उनसे मसौदे को लेकर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। वर्तमान में राज्य में वर्ष 2017 की पॉलिसी लागू है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के अनुसार सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।



















