Putin ने फौज में 15,500 सैनिक बढ़ाए , Russian Army की ताकत अब 15.5 लाख पार

मॉस्को। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को एक अहम एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत रूसी सेना में 15,500 सैनिकों की बढ़ोतरी की जाएगी और इसके साथ ही एक्टिव सैनिकों की कुल संख्या 15.5 लाख हो जाएगी। इस आदेश में सैनिकों की संख्या बढ़ाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन 2022 में यूक्रेन के साथ जंग शुरू होने के बाद से इस तरह के आदेश लगातार सामने आते रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रेमलिन ने सितंबर 2022 में अपनी रिजर्व फोर्स की आंशिक लामबंदी का आदेश दिया था।
24 लाख से ज्यादा हुई सैनिकों की संख्या
रूस से परमाणु हमले की धमकी रोकने को कहा
NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे ने रूस से अपनी परमाणु धमकियां रोकने को कहा है। यह बयान तब आया जब मॉस्को ने कलिनिनग्राद के मुद्दे पर NATO के खिलाफ न्यूक्लियर रिस्पॉन्स की चेतावनी दी थी। रुटे ने कहा कि इस स्थिति से निपटने का सबसे बेहतर तरीका संयम बरतना है। उन्होंने कहा कि NATO की तरफ से थोड़ा संयम दिखाया जा सकता है। लेकिन, साथ ही यह भी जरूरी है कि जो काम गठबंधन कर रहा है, वह जारी रहे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले रूस ने NATO को सीधे चेतावनी दी थी कि अगर पश्चिमी देशों के गठबंधन ने बाल्टिक सागर से लगे रूसी क्षेत्र कलिनिनग्राद का संपर्क काटने की कोशिश की तो वह परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेगा।
रूस पर जंग के लिए भड़काने का आरोप
NATO को भेजे गए एक मेमो में मॉस्को ने गठबंधन पर खतरनाक और लापरवाह रास्ता अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे सीधे तौर पर सशस्त्र संघर्ष शुरू होने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। मेमो में यह भी कहा गया है कि संघर्ष शुरू होते ही NATO देशों में फैसले लेने वाले सेंटर्स पर रूसी हमले हो सकते हैं। दस्तावेज में साफ लिखा है कि अगर NATO देश कलिनिनग्राद क्षेत्र को रूस के बाकी हिस्से से अलग-थलग करने की कोशिश करते हैं, तो रूस अपने इलाके की सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों समेत अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार रहेगा। इस दस्तावेज को कूटनीतिक भाषा में नॉन-पेपर कहा गया है, जिसका मतलब होता है अनौपचारिक डॉक्यूमेंट।



















