अफगानिस्तान में सुबह-सुबह हिली धरती, 5.3 तीव्रता के भूकंप से मची हलचल

काबुल। अफगानिस्तान के हिंदूकुश इलाके में गुरुवार सुबह भूकंप के झटकों से लोगों में हलचल मच गई। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.3 रही और यह स्थानीय समय के अनुसार सुबह के वक्त आया। यूरोपीय भूकंप निगरानी आंकड़ों में इसका केंद्र हिंदूकुश क्षेत्र में दर्ज किया गया है। अलग-अलग भूकंप एजेंसियों के शुरुआती आंकड़ों में गहराई को लेकर अंतर है, इसलिए शुरुआती रिपोर्ट में बताए गए आंकड़े आगे बदल सकते हैं। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या लोगों के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह के समय महसूस हुए झटके
भूकंप का असर महसूस होते ही कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। कुछ लोग एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.3 दर्ज की गई है। EMSC के उपलब्ध आंकड़ों में घटना की गहराई करीब 29 किलोमीटर बताई गई है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में अलग गहराई दर्ज हुई है। इसलिए अंतिम वैज्ञानिक आंकड़े आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
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नुकसान को लेकर अपडेट
भूकंप के बाद अभी तक बड़े स्तर पर जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में शुरुआती घंटों में नुकसान की पूरी जानकारी सामने आने में समय लग सकता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों से आने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
हिंदूकुश में क्यों आते हैं भूकंप?
हिंदूकुश दुनिया के सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। यह इलाका भारतीय और एशियाई प्लेटों की टक्कर वाले व्यापक क्षेत्र का हिस्सा है। इस वजह से यहां धरती के भीतर लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है और अलग-अलग गहराई पर भूकंप आते हैं। GFZ के अनुसार मध्य एशिया का यह क्षेत्र भारत-एशिया टक्कर क्षेत्र से जुड़ा है और यहां भूकंपीय गतिविधियां आम हैं।
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भूकंप के आंकड़ों में हो सकता है बदलाव
भूकंप आने के तुरंत बाद अलग-अलग एजेंसियां इसके केंद्र, गहराई और तीव्रता का आकलन करती हैं। इसी कारण शुरुआती आंकड़ों में अंतर दिखाई दे सकता है। हिंदूकुश की इस घटना के लिए भी अलग स्रोतों में तीव्रता और गहराई के अलग आंकड़े सामने आए हैं। अंतिम समीक्षा के बाद आधिकारिक आंकड़े ज्यादा स्पष्ट हो सकते हैं।



















