
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा की जेल में बंद मुख्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से गुरुवार रात मौत हो गई। उल्टी की शिकायत के बाद मुख्तार को बेहोशी की हालत में रात करीब 8:25 बजे जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां 9 डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। आज 3 डॉक्टरों का पैनल शव का पोस्टमार्टम करेगा, जिसके बाद कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुख्तार अंसारी के बेटे ने आरोप लगाया है कि, उनके पिता को पॉइजन दिया गया है। मौत की मजिस्ट्रियल जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। हालांकि इसके बाद मामले की न्यायिक जांच के भी आदेश जारी कर दिए गए।
#WATCH | Ghazipur: Preparations for the funeral of gangster-turned-politician Mukhtar Ansari underway at Kali Bagh Graveyard. pic.twitter.com/JxXD6rxliN
— ANI (@ANI) March 29, 2024
राज्य में बढ़ाई गई सुरक्षा, धारा 144 लागू
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा जाएगा। इसके बाद सड़क के रास्ते उसे पुश्तैनी घर गाजीपुर लाया जाएगा। जहां काली बाग कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है। यहां तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मऊ और गाजीपुर में धारा 144 लागू करने के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। DGP मुख्यालय ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के घर पर उसके समर्थकों और रिश्तेदारों का पहुंचना शुरू हो गया है। यहां भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
मुख्तार अंसारी की मौत की उच्च स्तरीय जांच जरूरी : मायावती
मुख़्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकायें व गंभीर आरोप लगाए गए हैं उनकी उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी, ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें। ऐसे में उनके परिवार का दुःखी होना स्वाभाविक। कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।
— Mayawati (@Mayawati) March 29, 2024
3 डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
बांदा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। मुख्तार का पंचनामा भरे जाने के बाद 3 डॉक्टरों का पैनल मुख्तार का पोस्टमार्टम करेगा। इस पैनल में एक कार्डियोलॉजिस्ट, एक सर्जन, एक फिजिशियन शामिल है। परिवार के सामने ही मुख्तार के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी की जाएगी। मुख्तार अंसारी की मौत की मजिस्ट्रियल जांच होगी। यह जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी।
#WATCH | Uttar Pradesh | Son of Mukhtar Ansari, Umar Ansari arrives at Banda Medical College and Hospital.
Mukhtar Ansari's body will be handed over to him after the post-mortem. pic.twitter.com/de8Yl5ACsG
— ANI (@ANI) March 29, 2024
बेटे ने लगाया जहर देने के आरोप
मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने जहर देने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि दो दिन पहले वह उनसे मिलने गया था, लेकिन उन्हें मिलने की इजाजत नहीं मिली। उमर अंसारी ने आगे कहा कि, धीमा जहर दिए जाने की बात हमने पहले भी कही थी और आज भी यही कहेंगे।
रोजा रखने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
फिलहाल प्रारंभिक तौर पर जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक रोजा रखने के चलते मुख्तािर की तबीयत बिगड़ गई थी। विगत दिनों भी उसे इलाज के लिए जब मेडिकल कॉलेज लाया गया था तब भी डॉक्टरों ने उसे रोजा न रखने की सलाह दी थी। बताया जा रहा है कि रोजा रखने से मुख्तार अंसारी को कमजोरी आ गई थी और शाम को जब उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई तो मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराय़ा गया।
दादा स्वतंत्रता सेनानी और नाना बिग्रेडियर
3 जून 1963 को गाजीपुर जिले में जन्में पिता का सुभान अल्लाह अंसारी और मां का बेगम राबिया थीं। मुख्तार अंसारी अपराध को चुना जबकि उसका परिवार बेहद प्रतिष्ठित था। मुख्तार के दादा डॉक्टर मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने महात्मा गांधी के साथ काम किया था। अंसारी के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान थे जो 1947 की लड़ाई में शहीद हुए थे। जेल से चलाई राजनीति 60 साल की उम्र में दम तोड़ने वाले मुख्तार अंसारी की मौत के साथ यूपी में एक और डॉन की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई।
मुख्तार पर हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज थे। लखनऊ, गाजीपुर, चंदौली, आगरा और दिल्ली में भी अंसारी के ऊपर कई केस चल रहे थे। अंसारी के करियर की बात करें तो वो मऊ से पांच बार विधायक रहे। 2017 का विधानसभा चुनाव उसका अंतिम था, लेकिन 2005 से ही वो जेल में था। जेल में रहकर ही 12 साल तक उसने राजनीति की। अंसारी पर पिछले 2 सालों के अंदर जितने भी केस थे, उनमें से ज्यादातर में वो दोषी पाया गया या फिर उन मामलों की जांच आगे बढ़ गई थी। ऐसे में उसका जेल से बाहर आना लगभग नामुमकिन हो गया था।
25 मार्च को भी बिगड़ी थी तबीयत
इससे पहले सोमवार रात यानी 25 मार्च को भी मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ गई थी। पेट दर्द की शिकायत पर जेल प्रशासन ने उन्हें सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती कराया था। हालत में सुधार होने के बाद करीब 14 घंटे अस्पताल में रहने के बाद मुख्तार को शाम 6 बजे बांदा जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। उनसे मिलने के लिए भाई अफजाल अंसारी मंगलवार को बांदा मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे।
बांदा मेडिकल प्रशासन ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया था कि, मुख्तार के पेट में दर्द है। उसे 4-5 दिनों से कब्ज की शिकायत थी। फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है। लेकिन मुख्तार अंसारी से मिलने के बाद उनके भाई अफजाल अंसारी ने बताया था कि वे होश में हैं। उन्होंने हमसे कहा कि उन्हें खाने में कोई जहरीला पदार्थ दिया गया है। 40 दिन पहले भी एक बार ऐसा हो चुका है। अब दोबारा यह हुआ है।
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