भोपाल। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में जारी बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट ला दी है। भोपाल, इंदौर, राजगढ़ समेत कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और मौसम विभाग ने 13 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
एमपी के कई इलाकों में बुधवार-गुरुवार की रात पारा 1 से 2 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इंदौर में 7.6 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, और जबलपुर में 9.9 डिग्री तापमान रहा। ग्वालियर 11.4 डिग्री और उज्जैन 10.7 डिग्री तक पहुंचा। शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम 6.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी, जो प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, वहां तापमान 13.4 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार से पांच दिन तेज ठंड और शीतलहर का असर जारी रहेगा। गुरुवार को जिन जिलों में अलर्ट जारी है। उनमें भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया और सिवनी शामिल है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इससे पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। इसी वजह से उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश की ओर आ रही हैं, जिससे दिन और रात दोनों में ठंडक बढ़ गई है।
राजधानी भोपाल में नवंबर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच गया है, जो पिछले 10 सालों में सबसे कम है। वहीं इंदौर में पारा 7 डिग्री तक गिरा, यह पिछले 25 साल में नवंबर का सबसे ठंडा तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में नवंबर का अब तक का न्यूनतम रिकॉर्ड 1938 में 5.6 डिग्री रहा था।
इस बार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अगर बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली तो दिन में भी कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।
आमतौर पर मध्य प्रदेश में नवंबर के मध्य या आखिरी सप्ताह में ठंड शुरू होती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही शीतलहर का असर दिखने लगा है। पिछले 50 सालों के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में तापमान आमतौर पर 6-7 डिग्री तक महीने के अंत में गिरता है, मगर इस बार पहले ही पखवाड़े में यह स्तर देखने को मिल रहा है।
बढ़ती ठंड को देखते हुए अनूपपुर, रीवा और देवास जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सुबह के समय की छुट्टियां देर से शुरू करने का निर्देश दिया है।