MP में बारिश का रौद्र रूप! मंदाकिनी-नर्मदा उफान पर, 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों की चिंता बढ़ा दी है। मंदाकिनी नदी चित्रकूट में खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जबकि मंडला में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी की बढ़ती आवक के चलते छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने 4 और 5 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। तेज हवा और आंधी की भी संभावना बनी हुई है।
28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा और रायसेन समेत कई जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में आंधी के साथ हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
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कई जगह बाढ़ जैसे हालात
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए SDRF की टीम ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर दर्ज किया गया। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर रोड प्रभावित रहा। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बरगी और कुटनी बांध से छोड़ा जा रहा पानी
जबलपुर के बरगी बांध में जलभराव 93 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध के पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के आसपास के घाटों पर पानी बढ़ने की संभावना है। छतरपुर के कुटनी बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से नदियों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
4 और 5 सितंबर को ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 4 और 5 सितंबर को बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। ट्रफ लाइन और मौसम प्रणाली के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पहले ही अच्छी बारिश हो चुकी है।
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अब तक 29.2 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 741.2 मिलीमीटर यानी 29.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य बारिश से करीब 8 प्रतिशत कम है। जून में कम बारिश के बाद जुलाई और अगस्त में मानसून ने अच्छी वापसी की। हालांकि, कई जिलों में अब तेज बारिश के कारण सामान्य स्थिति बदल रही है। कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनना इसी का असर है। आने वाले दो दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।



















