PU Special :भगवान श्रीकृष्ण मध्यप्रदेश में बने योगेश्वर और सुदर्शन चक्रधारी, जानापाव में सीएम डॉ. यादव आज करेंगे परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन

राजीव सोनी, भोपाल। मथुरा-वृंदावन और द्वारका की तरह मध्यप्रदेश की धरती को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा व लीला स्थली के साथ ससुराल होने का गौरव भी प्राप्त है। उज्जैन स्थित गुरु सांदीपनि आश्रम में उन्होंने 64 दिन में 64 विद्याएं और 16 कलाएं सीखीं। सुदामा के साथ उनकी मित्रता अमर हुई। इंदौर के पास जानापाव में उन्हें भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त हुआ। उनकी 8 पटरानियों में से 3 का संबंध मित्रविंदा-उज्जैन, रुक्मणी- अमझेरा (धार) और जाम्बवती-जामगढ़ (रायसेन) से रहा है। यही वजह है मप्र में भगवान श्रीकृष्ण के 3 हजार 200 मंदिर मौजूद हैं। मंदिरों के शहर पन्ना और सागर को मिनी वृंदावन का दर्जा मिला हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जन्माष्टमी 4 सितंबर को जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे।
श्रीकृष्ण के मप्र कनेक्शन की इंटरनेशनल ब्रांडिंग
मोहन सरकार ने भगवान श्रीकृष्ण के मप्र कनेक्शन की इंटरनेशनल ब्रांडिंग का बीड़ा उठाया है। प्रदेश में लीला पुरुषोत्तम नंदलाल के जहां-जहां चरण पड़े उन स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार ने 'श्रीकृष्ण पाथेय' मेगा प्रोजेक्ट हाथ में लिया है। कुरुक्षेत्र में अपने सखा अर्जुन के माध्यम से गीता का अमर उपदेश देने वाले योगेश्वर को मप्र की भूमि में ही ज्ञान, कला, मित्रता, कूटनीति और धर्म संस्थापना का कौशल प्राप्त हुआ। यहीं भगवान परशुराम ने उन्हें सुदर्शन चक्र सौंपा जिसकी मदद से उन्होंने गुरु सांदीपनि के पुत्र को उन्हें लौटाया। साथ ही बड़े से बड़े योद्धा से लड़ने में सफल हुए।
जानापाव व श्रीकृष्ण पाथेय प्रोजेक्ट
भगवान श्री परशुराम की जन्म स्थली जानापाव कुटी में भव्य 'श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक' आकार लेने जा रहा है। यह लोक विश्व स्तरीय अध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। 17 करोड़ 50 लाख की लागत से इस लोक में 30 फीट ऊंचा भव्य द्वार, अस्त्र-शस्त्र संग्रहालय और 5 विशेष दीर्घाअों का निर्माण प्रस्तावित है। श्रीकृष्ण पाथेय के तहत सांदीपनि आश्रम उज्जैन, नारायणा, जानापाव, अमझेरा, जामगढ़ की गुफा सहित भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया किया जाएगा।
उज्जैन-जानापाव अवंति महाजन पथ का विस्तार
भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में ज्ञान, विद्या, अध्यात्म और कालगणना की शिक्षा लेने के बाद जानापाव में शौर्य-पराक्रम, साहस और न्याय प्रियता में पारंगत हुए। श्रीकृष्ण पाथेय प्रोजेक्ट में इन सभी स्थलों का विकास होगा। उज्जैन और जानापाव की भूमि अवंति महाजन पथ का विस्तार का हिस्सा है।
-श्रीराम तिवारी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार
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