PU Special :केन-बेतवा लिंक परियोजना से पानी के साथ बिजली भी मिलेगी, सोलर संयंत्र लगेंगे

बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना अब पानी के साथ बिजली भी पैदा करेगी। केन-बेतवा लिंक कैनाल के ऊपर सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनसे हर दिन करीब 1.7 करोड़ रुपए मूल्य की बिजली पैदा होने का अनुमान है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से पानी के साथ बिजली भी मिलेगी, सोलर संयंत्र लगेंगे
केन-बेतवा लिंक परियोजना से पानी के साथ बिजली भी मिलेगी

अशोक गौतम, भोपाल। कैनाल के पंपों के संचालन और लाइटिंग में सोलर बिजली का उपयोग किया जाएगा, जबकि अतिरिक्त बिजली सरकार को दी जाएगी। सोलर संयंत्र की तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को भेज दिया गया है। करीब 8 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली 221 किलोमीटर लंबी कैनाल का निर्माण वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण होने के बाद नवंबर तक टेंडर जारी करने की तैयारी है।

कैनाल के ऊपर लगेंगे सोलर संयंत्र

केन-बेतवा लिंक कैनाल से पानी के साथ बिजली का उत्पादन भी होगा। कैनाल के ऊपर सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनसे हर दिन करीब 1.7 करोड़ रुपए मूल्य की बिजली पैदा होने का अनुमान है। कैनाल के पंपों के संचालन और लाइटिंग में बिजली का उपयोग किया जाएगा, जबकि अतिरिक्त बिजली सरकार को दी जाएगी।

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80 फीसदी जमीन मिलते ही शुरू होगा निर्माण

केन-बेतवा लिंक कैनाल के निर्माण की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार की सहमति के लिए भेजी गई है। करीब 8 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली कैनाल के निर्माण के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण नवंबर तक टेंडर जारी करने की तैयारी में है। करीब 221 किलोमीटर लंबी कैनाल को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैनाल के निर्माण की जद में करीब 2600 हेक्टेयर भूमि आएगी और इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते हुए धारा-19 की कार्रवाई की गई है।

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105 गांवों से होकर गुजरेगी लिंक कैनाल

योजना के मुताबिक करीब 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद कैनाल निर्माण का टेंडर जारी किया जाएगा। कैनाल मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के 105 गांवों और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के 11 गांवों से होकर गुजरेगी। कैनाल के जरिए विभिन्न स्टोरेज डैम और जल संरचनाओं में पानी पहुंचाया जाएगा। बीना कॉम्प्लेक्स और कोटा बैराज सहित अन्य जल संरचनाओं को भी इसका लाभ मिलेगा, जबकि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 19 स्थानों पर प्रेशर पंप लगाए जाएंगे।

44 लाख लोगों की प्यास बुझाने का दावा

परियोजना का सबसे बड़ा फायदा बुंदेलखंड क्षेत्र को जल संकट से राहत के रूप में मिलेगा। केन नदी के अधिशेष पानी को बेतवा नदी में पहुंचाने के साथ क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मध्यप्रदेश की करीब 44 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों के 1,900 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा।

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8.11 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित

छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर की करीब 8.11 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई के दायरे में आएगी। दौधन गांव में पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचा और 2.13 किमी लंबा दौधन बांध बनाया जाएगा। बांध में करीब 2,853 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित होगा और यहां से लिंक कैनाल के जरिए मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी पहुंचाया जाएगा। सीईओ प्रशस्त कुमार दीक्षित के अनुसार, बुंदेलखंड के छोटे-बड़े बांधों और जलाशयों को केन-बेतवा लिंक परियोजना की मुख्य नहर से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी, बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा रोका जा सकेगा और भू-जल स्तर में सुधार होगा।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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